सेंधवा बिजासन से लेकर सेंधवा तक फोरलेन सड़क खस्ताहाल पीएमओ तक पहुंची शिकायत

नेशनल हाईवे जगह-जगह गड्ढे से वाहन चालकों को हो रही परेशानी

Jul 2, 2025 - 21:22
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सेंधवा बिजासन से लेकर सेंधवा तक फोरलेन सड़क खस्ताहाल पीएमओ तक पहुंची शिकायत

सेंधवा := बिजासन घाट से सेंधवा तक फोरलेन की हालत खस्ता, PMO तक पहुंची शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता बी.एल. जैन ने ई-मेल के जरिए जताई चिंता, मरम्मत कार्य ठप

सेंधवा | 02 जुलाई 2025

राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 03, जो मध्यप्रदेश को महाराष्ट्र से जोड़ता है, उसका बिजासन घाट से सेंधवा तक का हिस्सा इन दिनों जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। फोरलेन सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे उभर आए हैं, साइड शोल्डर अधूरे हैं और सड़क के मध्य मीडियन में पौधारोपण पूरी तरह गायब है।

इस मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता बी.एल. जैन ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को ई-मेल के माध्यम से शिकायत प्रेषित की है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि खलघाट से बिजासन घाट तक लगभग 80 किलोमीटर लंबा यह मार्ग बीओटी (बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर) योजना के अंतर्गत विकसित किया गया था। वर्ष 2011 से इस मार्ग पर टोल वसूली की जा रही है, लेकिन मरम्मत और रखरखाव के नाम पर कुछ नहीं किया जा रहा है।

श्री जैन ने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया कि भारी वाहन चालनों वाले इस मार्ग पर गड्ढों और अधूरे शोल्डर के कारण रोजाना दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अनुबंध की शर्तों के अनुसार, कंसेशनायर को न केवल सड़क की नियमित मरम्मत करनी थी, बल्कि मीडियन में पौधारोपण कर उसका रखरखाव भी सुनिश्चित करना था, ताकि रात में सामने से आ रही गाड़ियों की लाइट से वाहन चालकों को परेशानी न हो।

लेकिन वास्तविक स्थिति इससे ठीक उलट है। सैकड़ों मीटर लंबे मीडियन पर पौधे नदारद हैं, साइड शोल्डर अधूरे हैं और कहीं भी मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया है। स्थानीय परियोजना निदेशक भी इस बदहाल स्थिति के बावजूद चुप्पी साधे हुए हैं।

श्री जैन ने पत्र में यह भी कहा कि बारिश की शुरुआत को अभी मुश्किल से दो हफ्ते ही हुए हैं और सड़क की स्थिति पहले से ही बद से बदतर हो गई है। वाहन चालकों को हर किलोमीटर के लिए टोल चुकाना पड़ता है, लेकिन बदले में उन्हें गड्ढों और जोखिम से भरे रास्तों पर यात्रा करनी पड़ रही है। इससे न केवल वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि कई बार हादसों में लोगों की जान भी जा चुकी है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एक समय था जब यह सड़क इतनी खराब होती थी कि महाराष्ट्र से मध्यप्रदेश की सीमा में घुसते ही यात्रियों को अंदाज़ा हो जाता था कि वे अब एमपी में हैं — और अब वही स्थिति दोबारा लौट आई है। यह निश्चित रूप से मध्यप्रदेश के लिए शर्मिंदगी की बात है।

श्री जैन ने प्रधानमंत्री कार्यालय से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर संबंधित एजेंसी और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और सड़क की स्थिति सुधरे।

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