पाकिस्तान में इमरान खान की गिरफ्तारी के 3 साल पूरे, पीटीआई ने देश भर में किए विरोध प्रदर्शन
पाकिस्तान में इमरान खान की गिरफ्तारी के तीन साल पूरे होने पर पीटीआई ने देश भर में विरोध प्रदर्शन किया है। मानवाधिकार संगठनों ने भी सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और देश के अन्य हिस्सों में जारी भारी हिंसा के बीच, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के तीन साल पूरे होने पर बुधवार को उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस की भारी सख्ती, धारा 144 और कई जगहों पर प्रशासन की कड़ी रोक के बावजूद पार्टी के हजारों समर्थक सड़कों पर उतर आए। देश के पंजाब, सिंध और बलूचिस्तान प्रांतों में रैलियों की अनुमति न मिलने के कारण सबसे बड़ी विरोध रैली खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी पेशावर में आयोजित की गई। पीटीआई ने दो टूक शब्दों में कहा है कि उनका यह लोकतांत्रिक आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक इमरान खान को पूरी तरह रिहा नहीं कर दिया जाता।
पार्टी के वरिष्ठ नेता शेख वकास अकरम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि देश भर के सभी कार्यकर्ताओं को अपने-अपने इलाकों में पूरी तरह शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई जगहों पर पुलिस ने पार्टी कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए दमनकारी कार्रवाई की, लेकिन इसके बावजूद आम जनता और समर्थक बड़ी संख्या में इन विरोध प्रदर्शनों में शामिल हुए। पार्टी का मुख्य कहना है कि वे केवल अपनी पार्टी के नेता के लिए नहीं, बल्कि देश में लोकतंत्र, संविधान और कानून के शासन की पुनः बहाली के लिए भी सड़कों पर उतरकर आवाज उठा रहे हैं।
👥 पेशावर की विशाल रैली में शामिल हुईं इमरान खान की दोनों बहनें
पेशावर में आयोजित इस मुख्य विरोध रैली में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की दोनों बहनें विशेष रूप से शामिल हुईं और सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया।
पीटीआई के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मूनिस इलाही ने इस दौरान आरोप लगाया कि जेल के भीतर पूर्व पीएम इमरान खान को मानसिक और शारीरिक रूप से कई तरह की गंभीर परेशानियों का सामना कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन उन्हें उनके परिवार के सदस्यों से मिलने नहीं दे रहा है और न ही उन्हें जेल के अंदर उचित और समय पर चिकित्सीय इलाज मुहैया कराया जा रहा है।
🌐 मानस्टी इंटरनेशनल ने उठाए पाकिस्तान सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन 'एमनेस्टी इंटरनेशनल' ने भी पाकिस्तान सरकार की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।
संगठन की दक्षिण एशिया की कार्यवाहक क्षेत्रीय निदेशक इसाबेल लासी ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि इमरान खान को देश के कानूनों के तहत निष्पक्ष सुनवाई का मौलिक अधिकार तक नहीं दिया गया है। उन्हें लंबे समय तक एकांत कारावास में रखा गया है, तथा उनके इलाज और परिवार से मिलने-जुलने की बुनियादी सुविधाओं को भी बेहद सीमित कर दिया गया है। संगठन का यह भी दावा है कि इमरान खान पिछले कम से कम आठ महीनों से अपने किसी भी पारिवारिक सदस्य से नहीं मिल पाए हैं। इसके अलावा, दिसंबर 2025 से लेकर अब तक इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को नियमित रूप से अपने कानूनी वकीलों से भी मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है, जो मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।
⚖️ भ्रष्टाचार के मामलों में सजा के बाद से 5 अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान खान
वर्तमान में 73 वर्ष के हो चुके पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान बीते 5 अगस्त 2023 से लगातार सलाखों के पीछे हैं।
उन्हें एक भ्रष्टाचार के मामले में अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में कानूनी प्रक्रियाओं के तहत उन्हें कुछ मामलों में कानूनी राहत जरूर मिली, लेकिन अन्य कई मामलों की सुनवाई अभी भी अदालतों में लंबित होने के कारण वे अब भी जेल से बाहर नहीं आ सके हैं।
पीटीआई के मुख्य कानूनी सलाहकार और वकील अबूज़र सलमान नियाजी ने दावा किया कि पंजाब प्रांत के मियांवाली जिले में पुलिस ने 20 से अधिक प्रमुख पार्टी कार्यकर्ताओं को पहले ही गिरफ्तार कर लिया, ताकि वे इस विरोध प्रदर्शन में शामिल न हो सकें। इसके बावजूद पार्टी का साफ कहना है कि प्रशासन की कितनी भी दमनकारी कार्रवाई क्यों न हो, इमरान खान की रिहाई और देश में न्याय की मांग को लेकर उनका यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)