नगर निगम के दावों की खुली पोल, जलभराव के कारण वकीलों और आम नागरिकों को हो रही भारी परेशानी

ग्वालियर में रुक-रुक कर हो रही बारिश से जिला न्यायालय के पास शिव विहार कॉलोनी में जलभराव हो गया है। सड़कों पर पानी भरने से वकीलों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Aug 05, 2026 - 19:20
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नगर निगम के दावों की खुली पोल, जलभराव के कारण वकीलों और आम नागरिकों को हो रही भारी परेशानी

ग्वालियर: पिछले 48 घंटों से ग्वालियर शहर में रुक-रुक कर बारिश का दौर लगातार जारी है। कभी रिमझिम तो कभी मूसलाधार बारिश ने जहाँ एक तरफ मौसम सुहाना किया है, वहीं दूसरी तरफ आम जनजीवन पर इसका असर भी साफ दिखने लगा है। इस लगातार बारिश ने नगर निगम के मानसून पूर्व के सभी दावों की पोल पूरी तरह खोलकर रख दी है, क्योंकि शहर के कई निचले इलाकों और कॉलोनियों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन गई है। ग्वालियर की शिव विहार कॉलोनी और उसके आसपास का पूरा क्षेत्र पानी से पूरी तरह लबालब हो चुका है।

🌧️ शिव विहार कॉलोनी की सड़कें बनीं तालाब, लोगों का निकलना हुआ दूभर

ग्वालियर की शिव विहार कॉलोनी की आंतरिक और मुख्य सड़कें इन दिनों भारी बारिश के कारण भयंकर जलभराव से जूझ रही हैं।

सबसे बड़ी विडंबना यह है कि यह मुख्य रोड ग्वालियर के जिला एवं सत्र न्यायालय के बेहद करीब स्थित है और यह विवेकानंद नीडम ब्रिज से झांसी रोड, न्यू सिटी सेंटर तथा शहर के अन्य प्रमुख हिस्सों को आपस में जोड़ती है। इसी रोड पर जिला न्यायालय का एक मुख्य दरवाजा भी खुलता है, जिस वजह से यहाँ रोज वकीलों, न्यायिक अधिकारियों और हजारों आम मुवक्किलों का आना-जाना रहता है। लेकिन बारिश के बाद यह पूरी सड़क घुटनों तक पानी में डूब चुकी है, और पैदल चलना तो दूर, वाहन चालकों को भी यहाँ से गुजरने में भारी पसीने छूट रहे हैं। जलभराव के बीच से निकलते समय कई लोगों के दोपहिया वाहन बीच रास्ते में ही बंद होकर खराब हो रहे हैं।

⚖️ वकीलों के वाहन पानी में गिरकर हो रहे दुर्घटनाग्रस्त, नहीं हुआ स्थायी समाधान

नगर निगम ने बड़े-बड़े दावे किए थे कि मानसून से पहले शहर के सभी नालों और सीवर चैंबरों की पूरी तरह सफाई करा दी जाएगी, लेकिन ग्वालियर में हुई इस बारिश ने उन सभी दावों की हवा निकाल दी है।

स्थानीय लोगों और वकीलों का कहना है कि शिव विहार कॉलोनी की यह नारकीय स्थिति आज की नहीं, बल्कि पिछले कई वर्षों से ऐसी ही बनी हुई है, लेकिन इसका कोई स्थायी निदान आज तक नहीं निकाला गया है। जिला न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाले एक वकील ने बताया कि, "जब भी आसमान से बारिश होती है, तब कोर्ट परिसर के बाहर की यह सड़क इसी तरह घुटने-घुटने तक पानी से भर जाती है। पिछले कई सालों से हर बरसात में यही बदतर हालात रहते हैं। यहाँ आने वाले वकीलों और कर्मचारियों के दुपहिया वाहन अक्सर बारिश के पानी और कीचड़ में फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उन्हें चोटें भी लगती हैं।" उन्होंने बताया कि इस बार जब से बारिश शुरू हुई है, पिछले 3 दिनों से यहाँ भरा हुआ पानी जस का तस है और उसकी निकासी नहीं हुई है।

🛵 गंदे पानी से पैदल निकलने को विवश राहगीर और बुजुर्ग

इसी जलभराव से गुजर रहे दो राहगीरों की स्कूटी अचानक पानी में फंसकर बंद हो गई, जिसके बाद उन्हें अपनी स्कूटी को उसी गंदे और भरे हुए पानी में धकेलते हुए पैदल निकलना पड़ा।

परेशान हाल एक बुजुर्ग राहगीर ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि, "उनकी स्कूटी इंजन में पानी जाने की वजह से अचानक बंद पड़ गई और अब वह स्टार्ट नहीं हो रही है। वे यहीं पास में ही रहते हैं और रोजमर्रा के काम के लिए उन्हें इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है।" उन्होंने कहा कि शिव विहार कॉलोनी में जलभराव की यह समस्या बहुत पुरानी है, और बारिश के दिनों में हमेशा ही यहाँ पानी भर जाता है जिससे स्थानीय रहवासियों का जीना मुहाल हो जाता है।

🏛️ कोर्ट आने वाले लोग परेशान, प्रशासन द्वारा जेसीबी से कराई गई सफाई

वकीलों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि कोर्ट परिसर के बाहर इस तरह के जलभराव के हालात वकीलों और दूर-दूर से न्याय की उम्मीद में आने वाले मुवक्किलों के लिए बारिश के दिनों में किसी सजा से कम नहीं होते।

हालांकि, इस गंभीर समस्या को देखते हुए बुधवार सुबह स्थानीय प्रशासन और कोर्ट के निर्देशों के बाद मौके पर जेसीबी बुलाई गई और नाले की सफाई का काम कराया गया, फिर भी मुख्य मार्ग से पानी का स्तर अभी तक पूरी तरह कम नहीं हो पाया है, जिससे लोगों की मुश्किलें अभी भी बरकरार हैं।

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