सीधी में भारी बारिश से भवरसेन घाट पर बढ़ा खतरा, सोन नदी उफान पर और लैंडस्लाइड की आशंका
सीधी जिले के रामपुर नैकिन में भारी बारिश के कारण भवरसेन घाट और पुल पर खतरा मंडरा रहा है। सोन नदी उफान पर है और लैंडस्लाइड की आशंका से 40 गांवों का संपर्क टूट सकता है।
सीधी : मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में सक्रिय नए वेदर सिस्टम के चलते झमाझम और भारी बारिश का दौर जारी है। इसी बीच सीधी जिले के रामपुर नैकिन इलाके से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। यहां लगातार हो रही भारी बारिश के कारण भवरसेन घाट पर खतरा काफी ज्यादा बढ़ गया है। एक तरफ जहाँ उफनती हुई सोन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, तो वहीं नदी पर बने मुख्य पुल के ऊपर भी भारी मात्रा में बारिश का पानी जमा हो गया है। इसके अलावा, पुल से सटी पहाड़ियों की मिट्टी मूसलाधार बारिश की वजह से खिसकने लगी है, जिससे भीषण लैंडस्लाइड की संभावना भी पैदा हो गई है। यदि हालात ऐसे ही रहे, तो सीधी जिला मुख्यालय से लगभग 40 गांवों का सीधा संपर्क पूरी तरह से टूट सकता है।
⚠️ भवरसेन मार्ग पर मंडरा रहा है दोहरा गंभीर खतरा
सीधी जिले के रामपुर नैकिन क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सोन नदी के भवरसेन घाट पर शुक्रवार तड़के सुबह से ही तेज और मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण सोन नदी का जलस्तर बहुत तेजी से बढ़ गया है, जिसकी वजह से करीब 500 मीटर लंबे भवरसेन पुल के ऊपर तक पानी फैल गया है।
यह पुल सीधी जिला मुख्यालय को रामपुर नैकिन तहसील के लगभग 40 से अधिक ग्रामीण गांवों से जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग है। इस पुल के ऊपर पानी भर जाने के कारण अब इस मार्ग से आवागमन बेहद जोखिम भरा और खतरनाक हो गया है। इसके साथ ही, पुल की सड़क पर कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे भी हो चुके हैं, जिससे किसी भी समय कोई बड़ा सड़क हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
⛰️ भारी बारिश के चलते पहाड़ी क्षेत्र में बढ़ा लैंडस्लाइड का खतरा
इस मूसलाधार बारिश का कहर केवल पुल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि भवरसेन पहाड़ी से होकर गुजरने वाले सड़क मार्ग पर भी लगातार खतरा गहराता जा रहा है। यहाँ लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी की तलहटी की मिट्टी कमजोर होकर नीचे की ओर खिसकने लगी है।
कई स्थानों पर मिट्टी और छोटे-बड़े पत्थर सड़क की तरफ सरकते हुए साफ देखे गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि बारिश की यह रफ्तार यूं ही जारी रही, तो किसी भी वक्त बड़ा लैंडस्लाइड हो सकता है, जिससे मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध होने के साथ-साथ यहाँ से गुजरने वाले राहगीरों की जान पर भी बड़ा खतरा बन सकता है।
इस पूरे हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन आम जनता और वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे इस खतरनाक रास्ते की बजाय वैकल्पिक डायवर्सन मार्ग का ही उपयोग करें। इसके साथ ही, संबंधित प्रशासनिक विभाग इस पूरे क्षेत्र पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
🛑 पुलिस प्रशासन की अपील: अनावश्यक यात्रा से बचें, पूरी सावधानी बरतें
इस संवेदनशील मामले पर जानकारी देते हुए रामपुर नैकिन थाना प्रभारी सुधांशु तिवारी ने बताया, "पहाड़ी से मिट्टी खिसकने और मलबे के गिरने का एक वीडियो भी सामने आया है। आम नागरिकों की सुरक्षा को हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए यह अपील की जा रही है कि वे अनावश्यक रूप से इस मार्ग से अपनी यात्रा करने से बचें। यदि इस मार्ग से गुजरना अत्यंत आवश्यक हो, तो पूरी सतर्कता और सावधानी बरतें। यदि मार्ग में कहीं भी मिट्टी या पत्थर गिरते हुए दिखाई दें, तो तुरंत स्थानीय प्रशासन या पुलिस को इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।"
🗣️ ग्रामीणों की मांग: सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और स्थायी व्यवस्था की जाए
वहीं दूसरी ओर, शिकरगंज के स्थानीय निवासी शैलेन्द्र सिंह सेंगर ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए बताया, "इस क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश की वजह से मिट्टी का कटाव बहुत तेजी से हो रहा है। पुल के ऊपर पानी बहने के कारण सड़क पर बने गहरे गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं, जिसकी वजह से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा कई गुना बढ़ गया है।"
क्षेत्र के तमाम ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि पुल और पहाड़ी वाले संवेदनशील क्षेत्र की लगातार निगरानी कराई जाए, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और बारिश के मौसम में किसी भी बड़े हादसे को रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए।
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