28 साल से फर्जी पहचान छिपाकर रह रहा मोस्ट वांटेड क्रिमिनल मुंगावली से गिरफ्तार, हरियाणा पुलिस जवान की की थी हत्या

दिल्ली-हरियाणा से 28 सालों से फरार चल रहा कुख्यात अपराधी मध्य प्रदेश के अशोकनगर की मुंगावली तहसील से गिरफ्तार हुआ है। आरोपी फर्जी नाम बदलकर रह रहा था।

Aug 07, 2026 - 15:11
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28 साल से फर्जी पहचान छिपाकर रह रहा मोस्ट वांटेड क्रिमिनल मुंगावली से गिरफ्तार, हरियाणा पुलिस जवान की की थी हत्या

अशोकनगर: दिल्ली और हरियाणा से लंबे समय से फरार चल रहा एक कुख्यात आरोपी पूरे 28 सालों के बाद मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले की मुंगावली तहसील से आखिरकार दबोच लिया गया। दिल्ली क्राइम ब्रांच की विशेष टीम लंबे समय से इस तकनीकी रूप से शातिर और कुख्यात अपराधी की तलाश में जुटी हुई थी।

टीम ने अपनी पुरानी निगरानी, पुराने रिकॉर्ड और पुख्ता मुखबिर तंत्र के आधार पर इस फरार क्रिमिनल के ठिकाने का आखिरकार पता लगा लिया। इसके बाद, दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने मुंगावली के चंदेरी बायपास रोड के पास रह रहे 53 वर्षीय राजेंद्र सिंह यादव को धर दबोचा और अपने साथ ट्रांजिट रिमांड पर ले गई।

👮‍♂️ हरियाणा में की थी पुलिस जवान की हत्या, 1998 से चल रहा था फरार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह आरोपी वर्ष 1998 में हरियाणा पुलिस के एक जवान 'जय भगवान' की सनसनीखेज हत्या के मामले में मुख्य रूप से वांछित था। यह शातिर अपराधी दिल्ली और हरियाणा में हत्या के प्रयास सहित कई अन्य गंभीर मामलों में घोषित अपराधी (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) था, जो पिछले करीब 28 वर्षों से कानून की आँखों में धूल झोंककर लगातार फरार चल रहा था।

इससे पहले वह साल 1999 में पुलिस कस्टडी से भी भाग चुका था, जिसके बाद साल 2008 में रोहिणी कोर्ट ने उसे आधिकारिक तौर पर भगोड़ा घोषित कर दिया था। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले की मुंगावली तहसील में यह कुख्यात आरोपी 'राजेंद्र सिंह यादव' के फर्जी नाम से रह रहा था, जबकि इसका असली नाम राजेंद्र बैरागी है और यह मूल रूप से सोनीपत, हरियाणा का रहने वाला है।

🕵️‍♂️ दिल्ली-हरियाणा में दर्ज हैं कई गंभीर आपराधिक मामले

आरोपी पर दिल्ली और हरियाणा के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या का प्रयास जैसे संगीन मामले दर्ज हैं। इसके अलावा उस पर चोरी, आर्म्स एक्ट (हथियार अधिनियम) और कई अन्य समीपवर्ती आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। हैरानी की बात यह है कि यह शातिर क्रिमिनल पहले हथकड़ी सहित पुलिस की गिरफ्त से फरार हुआ था।

स्थानीय रहवासियों और पड़ोसियों के मुताबिक, नगर के बाईपास रोड पर यह कुख्यात आरोपी पिछले 28 सालों से एक बहुत ही सज्जन और शांत पड़ोसी की तरह अपनी जिंदगी जी रहा था। पड़ोसियों ने बताया कि लोग उसे एक सीधा-साधा इंसान समझते थे और किसी को इस बात का दूर-दूर तक अंदाजा नहीं था कि उनके बीच रहने वाला यह शख्स दिल्ली और हरियाणा का इतना बड़ा मोस्ट वांटेड क्रिमिनल निकलेगा। इन 28 सालों के लंबे अंतराल में मुंगावली में रहते हुए उसका किसी भी स्थानीय नागरिक के साथ कभी कोई विवाद नहीं हुआ था।

इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए मुंगावली थाना प्रभारी अरविंद कुशवाहा ने बताया कि, "दिल्ली और हरियाणा में हत्या सहित अन्य कई गंभीर मामलों में एक लंबे समय से फरार चल रहा आरोपी मुंगावली से गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम उसे तलाशते हुए यहाँ पहुँची थी, जो स्थानीय पुलिस की मदद से उसे अपने साथ ले गई है।"

👩‍⚕️ स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ थी पत्नी, कोई नहीं भाँप पाया सच

आरोपी राजेंद्र बैरागी पूरी तरह से फर्जी पहचान गढ़कर 'राजेंद्र यादव' के नाम से अपनी पहचान छुपाकर रह रहा था। चौंकाने वाली बात यह है कि उसकी पत्नी मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवाएं दे रही थी।

चूंकि पिछले इतने लंबे समय से नगर में किसी के साथ उसका कोई झगड़ा या विवाद नहीं हुआ था, इसलिए कभी भी किसी को भी उसकी असलियत पर शक नहीं हुआ। लेकिन जैसे ही अचानक पुलिस की गाड़ियाँ उसके घर के सामने आकर रुकीं और उसकी गिरफ्तारी की खबर पूरे इलाके में फैली, तब जाकर आसपास के लोगों के सामने उसकी असल सच्चाई उजागर हुई।

🤼 जवानी के दिनों में था बेहतरीन कबड्डी प्लेयर, बाद में बना 'डॉ झटका'

दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद आरोपी को पहले मुंगावली के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। वहाँ से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे तुरंत दिल्ली लाया गया और द्वारका स्थित चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया।

पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी राजिंदर ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वह अपनी जवानी के दिनों में एक बेहतरीन 'कबड्डी प्लेयर' हुआ करता था, लेकिन धीरे-धीरे वह अपराधियों और बुरे लोगों के संपर्क में आ गया, जिसके बाद वह भी सिलसिलेवार वारदातों को अंजाम देने लगा।

पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि यह आरोपी एक अनरजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर (झोलाछाप डॉक्टर) के तौर पर लोगों का इलाज करने का काम करता था, जिसके चलते स्थानीय स्तर पर उसका निकनेम 'डॉ झटका' पड़ गया था। इसके साथ ही वह प्रॉपर्टी डीलिंग और कॉन्ट्रैक्टिंग का काम भी संभालता था। उसने इलाके में एक छोटा सा क्लिनिक भी चलाया हुआ था। वर्तमान में उसके परिवार में उसकी पत्नी और दो बच्चे हैं।

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