अवैध खनन से बचाने के लिए अब हरी-भरी होंगी इंदौर की टेकरियां, कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा ऐलान

इंदौर में अवैध खनन से नष्ट हो रही प्राकृतिक टेकरियों को बचाने के लिए वृक्षारोपण अभियान शुरू किया गया है। रेवती रेंज और दतूनी टेकरी पर पौधे लगाए जाएंगे।

Aug 08, 2026 - 14:31
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अवैध खनन से बचाने के लिए अब हरी-भरी होंगी इंदौर की टेकरियां, कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा ऐलान

इंदौर: मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर में अवैध खनन और अवैध उत्खनन के कारण लगातार नष्ट हो रही प्राकृतिक पहाड़ियों और टेकरियों को संरक्षित करने के लिए अब एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। शहर की इन खूबसूरत टेकरियों को बचाने के लिए अब उन पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कर उन्हें पूरी तरह हरा-भरा किया जाएगा, ताकि इनका प्राकृतिक संरक्षण सुनिश्चित हो सके। दरअसल, इंदौर, देवास और उसके आसपास के इलाकों में ऐसी कई टेकरियां हैं, जो मोरम और अन्य गौण खनिजों की माँग के चलते लगातार खोदी जा रही हैं और नष्ट हो रही हैं। जो टेकरियां बची भी हैं, वहाँ भी मोरम और मलबे की अवैध खुदाई लगातार जारी है।

🌱 मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की पहल: रेवती रेंज और दतूनी टेकरी का होगा कायाकल्प

इन तमाम गंभीर हालातों को देखते हुए, इंदौर में पहले 51 लाख और अब 12 लाख 40 हजार पौधे लगाने के महाअभियान में जुटे प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शहर की सभी टेकरियों को संरक्षित कर उन पर सघन वृक्षारोपण अभियान चलाने का ऐतिहासिक फैसला किया है।

पितृ पर्वत की तर्ज पर अब रेवती रेंज, देवगुराड़िया और दतूनी टेकरी पर 1 लाख से अधिक पौधे लगाने की पुख्ता तैयारियाँ की जा रही हैं। हाल ही में, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रेवती रेंज पहाड़ी पर वर्ष 2024 में लगाए गए 12 लाख 40 हजार पेड़-पौधों की वर्तमान स्थिति का जायजा लेने के लिए खुद उस क्षेत्र का दौरा किया।

🌿 वृक्षारोपण के जरिए होगा टेकरियों का अनूठा संरक्षण

रेवती रेंज के पौधों की स्थिति देखने के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा, "शहर की अब सभी टेकरियों को वृक्षारोपण के माध्यम से संरक्षित किया जाएगा। जिस तरह हमने रेवती रेंज को हरा-भरा कर सहेजा है, उसी तर्ज पर अन्य टेकरियों को भी एक खूबसूरत प्राकृतिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके जरिए हमारा मुख्य उद्देश्य इंदौर को 'क्लीन सिटी' के साथ-साथ एक शानदार 'ग्रीन सिटी' के रूप में स्थापित करना है।"

उन्होंने गर्व के साथ यह भी कहा कि रेवती रेंज पर इंसानों द्वारा तैयार किया गया यह एक अद्भुत जंगल है, जबकि जंगल आमतौर पर प्राकृतिक रूप से उगते हैं। यहाँ का एक-एक पेड़ इंदौर की आम जनता ने खुद अपने हाथों से रोपा है, और यह बेहद खुशी की बात है कि यहाँ लगाए गए सभी वृक्ष आज पूरी तरह सुरक्षित और जीवित हैं।

🏆 एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होगी रेवती रेंज के पेड़ों की गिनती

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि जब दो साल पहले रेवती रेंज की इस बंजर और पथरीली पहाड़ी पर पौधारोपण की शुरुआत की गई थी, तब यह पूरी तरह एक पथरीला इलाका था। लेकिन आज यहाँ कुल 12 लाख 40 हजार पेड़ लहलहा रहे हैं। आने वाले समय में यह जगह लोगों के लिए एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट बनेगी।

उन्होंने बताया कि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में इंदौर का नाम पहले से ही दर्ज है, और अब 'एशियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड' की टीम भी यहाँ पहुँच रही है। रेवती रेंज के इन तमाम पेड़ों की एक बार फिर से आधिकारिक गिनती की जाएगी, जिससे एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनेगा। इसके अलावा, 9 अगस्त को भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की विशेष उपस्थिति में यहाँ 51 हजार नए पौधे और रोपे जाएंगे।

⛰️ दतूनी टेकरी और अन्य पहाड़ियों पर भी होगी हरियाली की बहार

कैलाश विजयवर्गीय ने ऐलान किया कि हमने कुल 21 लाख पेड़ लगाने का बड़ा संकल्प लिया है। इसके लिए विभिन्न प्रशासनिक विभागों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय संस्थाओं के साथ महत्वपूर्ण बैठकें की जा चुकी हैं। वृक्षारोपण को लेकर जनता और युवाओं में जिस तरह का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है, उसे देखते हुए यह तय है कि शहर में 25 लाख से कम पौधे नहीं लगेंगे।

वर्तमान में केवल नगर निगम के माध्यम से ही 11 लाख 64 हजार पेड़ लगाए जा चुके हैं। हाल ही में राज्य कैबिनेट में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया है, जिसके तहत शहर के सभी पार्कों और बगीचों में कम से कम 25 प्रतिशत पेड़ केवल स्थानीय (देशी) प्रजातियों के लगाकर सघन जंगल तैयार किए जाएंगे।

दतूनी टेकरी पर एक लाख नए वृक्ष लगाए जाएंगे और उसे भी प्रसिद्ध 'पितृ पर्वत' की तरह एक भव्य स्थल बनाया जाएगा। इन टेकरियों को चुनने का हमारा मुख्य उद्देश्य इन्हें माइनिंग (खनन) से बचाना है। यदि लगातार अंधाधुंध माइनिंग होती रही, तो ये प्राकृतिक टेकरियां हमेशा के लिए समाप्त हो जाएंगी। पथरीली जमीन पर पौधे लगाना बेशक बहुत मुश्किल काम है, लेकिन हम उस पथरीली मिट्टी को उपजाऊ बनाकर वहाँ पौधे रोपते हैं। यही वजह है कि इंदौर के आसपास की टेकरियों को बचाने के लिए हमने उन्हें हरा-भरा करने का बीड़ा उठाया है, ताकि हरी-भरी देखकर कोई भी व्यक्ति वहाँ माइनिंग करने की इच्छा न रखे।

👥 15 हजार युवा करेंगे श्रमदान, सुपर कॉरिडोर पर भी लगेंगे पौधे

मंत्री ने बताया कि बारिश न होने के कारण शुरुआती दौर में वृक्षारोपण की गति थोड़ी धीमी जरूर हुई थी, लेकिन अब बारिश शुरू होने के बाद इस अभियान में भारी तेजी लाई जाएगी। सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में 100 एकड़ जमीन पर 2 से 3 लाख विशाल पेड़ लगाए जाएंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि 9 अगस्त को रेवती रेंज पर 10 से 15 हजार लोग बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने के लिए पहुँचेंगे। इस बार के वृक्षारोपण अभियान में विशेष रूप से 'जेन-जी' (Gen-Z / युवा पीढ़ी) पर फोकस किया गया है, ताकि युवा आगे आकर सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों में अपना योगदान दें। इस पूरे दौरे के दौरान नगर निगम के जनकार्य समिति अध्यक्ष राजेंद्र राठौड़ सहित कई अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

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