Ujjain सिंहस्थ-2028 से पहले विकास कार्यों की रफ्तार तेज, बन रहे स्थायी घाट और सड़कें
धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ-2028 को लेकर विकास कार्य तेज़ी से जारी हैं। शहर से लेकर मेला क्षेत्र तक हर तरफ निर्माण कार्य दिखाई दे रहे हैं। स्थायी सड़कें, पक्के घाट, फ्लाईओवर और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन के तहत उज्जैन को हरिद्वार और प्रयागराज की तर्ज पर विश्वस्तरीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उज्जैन में इस समय चारों तरफ विकास कार्य तेज़ी से चल रहे हैं। चाहे सड़क निर्माण हो, भवन निर्माण हो या सिंहस्थ से जुड़े अन्य प्रोजेक्ट — हर स्तर पर बड़े पैमाने पर काम दिखाई दे रहा है।
मेला क्षेत्र में अब स्थायी सड़कें और पक्के निर्माण किए जा रहे हैं। पहले हर बारह साल में अस्थायी सड़कें बनाई जाती थीं, लेकिन अब सरकार लंबे समय तक उपयोग में आने वाली मजबूत और स्थायी सुविधाएं विकसित कर रही है, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधा मिल सके।
इन विकास कार्यों से आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी फायदा मिलेगा। साथ ही बड़ी संख्या में मजदूरों और युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।शहर के प्रमुख चौराहों पर बड़े फ्लाईओवर निर्माणाधीन हैं, वहीं शिप्रा नदी क्षेत्र में करीब 30 किलोमीटर लंबे घाट निर्माण का कार्य भी तेजी से जारी है।
सरकार का दावा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन को देश की सबसे बड़ी धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है और आने वाला सिंहस्थ अब तक का सबसे भव्य और ऐतिहासिक आयोजन होगा।
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