सीएम मोहन यादव हुए शामिल, मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
जबलपुर में सावन के दूसरे सोमवार पर निकली मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा में सीएम मोहन यादव शामिल हुए। इस भव्य यात्रा में 1 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे।
जबलपुर का ऐतिहासिक रांझी इलाका सावन के दूसरे सोमवार के पावन अवसर पर पूरी तरह भक्ति, आस्था और उत्साह से सराबोर नजर आया। यहाँ निकाली गई भव्य 'संस्कार कांवड़ यात्रा' में भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भगवान शिव के जयकारों से पूरा शहर और मार्ग शिवमय हो गया, और जिधर देखिए उधर केवल कांवड़िये ही कांवड़िये नजर आ रहे थे। इस विशाल और लोकप्रिय कांवड़ यात्रा में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष रूप से पहुँचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
🙏 "इतनी बड़ी कांवड़ यात्रा मैंने पहले कभी नहीं देखी" - सीएम मोहन यादव
इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, "मैं भले ही उज्जैन नगरी से आता हूँ जहाँ पल-पल भगवान महाकाल की विशेष पूजा-अर्चना होती है, लेकिन इतनी विशाल और भव्य कांवड़ यात्रा मैंने अपने जीवन में पहले कभी नहीं देखी थी। यह मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा है, और इसी अद्भुत आस्था का हिस्सा बनने के लिए मैं विशेष रूप से जबलपुर आया हूँ।"
जबलपुर में सावन के प्रत्येक दूसरे सोमवार को इस पारंपरिक कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जाता है। यह यात्रा पवित्र ग्वारीघाट से शुरू होती है और लगभग 20 किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर खमरिया क्षेत्र स्थित कैलाश धाम तक पहुँचती है। इस कठिन और लंबी दूरी को सभी कांवड़ यात्री पैदल चलकर ही तय करते हैं। इस वर्ष भी इस धार्मिक आयोजन में 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कांवड़ उठाई है। हालांकि इस आयोजन की शुरुआत मूल रूप से एक कांग्रेस नेता द्वारा की गई थी, लेकिन समय के साथ यह पूरी तरह एक विशाल धार्मिक और सामाजिक आयोजन बन चुका है, जिसमें लोग केवल अपनी गहरी आस्था के कारण शामिल होते हैं।
🚩 ग्वारीघाट से शास्त्री ब्रिज होते हुए कैलाश धाम तक पहुँची यात्रा
यह प्रसिद्ध कांवड़ यात्रा जबलपुर के ग्वारीघाट से आरंभ होकर शास्त्री ब्रिज और घमापुर मार्ग से गुजरते हुए कैलाश धाम की ओर आगे बढ़ती है। इस आयोजन के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए प्रशासन द्वारा जबलपुर में सोमवार के दिन स्कूलों की छुट्टी घोषित की जाती है।
इस कांवड़ यात्रा की विशालता और जनसैलाब ने सभी प्रमुख राजनीतिक दलों का ध्यान भी अपनी ओर आकर्षित किया है। यात्रा की शुरुआती कांवड़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा उठाई गई। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रहलाद पटेल भी पूरी यात्रा में पैदल ही शामिल हुए। जैसे ही यात्रा रांझी इलाके में पहुँची, मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं इसमें शामिल हो गए। मुख्यमंत्री के साथ-साथ बीजेपी के कई अन्य छोटे-बड़े नेता भी इस आयोजन में कदम से कदम मिलाकर चले। इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा भी शहर में विभिन्न स्थानों पर स्वागत पंडाल लगाकर कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया गया।
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