राजधानी में भारी बारिश से बिगड़े हालात, 7 इंच पानी गिरने के बाद कलेक्टर प्रियंक मिश्रा पहुंचे बाणगंगा
भोपाल में 24 घंटे में 7 इंच बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बन गई है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बाणगंगा क्षेत्र का पैदल निरीक्षण कर अधिकारियों को जल निकासी के निर्देश दिए।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान शहर में 7 इंच से अधिक बारिश दर्ज किए जाने के कारण निचले इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। आम जनता की शिकायतों और बिगड़ते हालातों को देखते हुए देर रात खुद जिला कलेक्टर निचले इलाकों का जायजा लेने के लिए सड़क पर उतर आए। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने जलभराव से सबसे अधिक प्रभावित बाणगंगा क्षेत्र का पैदल निरीक्षण किया और जमीनी हकीकत को परखा।
🚶♂️ कलेक्टर ने घर-घर जाकर देखी लोगों की समस्याएं, जलभराव से हाल बेहाल
रविवार रात से शुरू हुई तेज बारिश के कारण पूरा भोपाल मानो जलमग्न हो गया। पुराने और नए शहर के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए, जिससे सड़कों, मोहल्लों और गलियों में पानी भर गया। निचली बस्तियों में तो लोगों के घरों के अंदर तक 3 से 4 फीट तक पानी घुस गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बाणगंगा की तंग गलियों में पैदल घूमकर जलभराव की इस विकट स्थिति को स्वयं देखा और स्थानीय रहवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना। बारिश के दौरान पानी की निकासी में आ रही बाधाओं और तकनीकी कारणों को समझने के लिए उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नगर निगम के अमले को जल निकासी की व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए।
🛠️ स्थायी समाधान के निर्देश: जलभराव पर लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं
कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि राहत कार्य केवल तात्कालिक नहीं होने चाहिए, बल्कि बाणगंगा जैसे इलाकों में बार-बार होने वाले जलभराव के स्थायी समाधान पर तेजी से काम किया जाना चाहिए। पानी भरने के मूल कारणों की तकनीकी जाँच करवाकर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने को कहा गया है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने दोटूक शब्दों में कहा कि बारिश के मौसम में नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए अधिकारी पूरी तरह सतर्क रहें और जलभराव जैसी समस्याओं में किसी भी स्तर पर कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने ईटखेड़ी पुल पर पानी भरने के कारण हुई आवागमन की दिक्कतों का भी मौके पर जाकर निरीक्षण किया।
प्रशासन अब जल निकासी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा नालों व नालियों की युद्ध स्तर पर सफाई कराने पर विशेष जोर दे रहा है, ताकि शहरवासियों को इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
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