MP Monsoon Update: मध्य प्रदेश में प्री-मानसून का असर; झमाझम बारिश से लुढ़का पारा, 50 जिलों में येलो अलर्ट
मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों के कारण तेज आंधी और बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 50 जिलों में येलो और कुछ जिलों में आरेंज अलर्ट जारी किया है। एमपी में मानसून 5 से 7 दिन देरी से पहुंचने की संभावना है।
भोपाल: मध्य प्रदेश में प्री-मानसून की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और तपते तापमान से बड़ी राहत दी है। जहां एक तरफ आंधी-बारिश के कारण दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर आरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, केरल पहुंच चुका मानसून इस बार मध्य प्रदेश में अपनी सामान्य तारीख से कुछ दिन की देरी से प्रवेश करेगा।
पचमढ़ी से भी ठंडा रहा श्योपुर: 40 डिग्री से नीचे आया पारा, बड़े शहरों में दर्ज की गई राहत भरी गिरावट
गुरुवार रात और शुक्रवार को हुई बारिश का असर तापमान पर स्पष्ट दिखाई दिया। प्रदेश के अधिकांश शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है। विशेष बात यह रही कि प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी, जहां अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रहा, उससे भी ठंडा श्योपुर दर्ज किया गया, जहां पारा महज 32 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.3 डिग्री कम होकर 35.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से 7.2 डिग्री नीचे गिरकर 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर में भी तापमान में सुखद गिरावट देखी गई है।
विदिशा, गुना और अशोकनगर में आरेंज अलर्ट: आकाशीय बिजली और तेज आंधी के प्रति बरतें सावधानी
मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए कुछ जिलों में बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है। विदिशा, गुना और अशोकनगर जिलों में आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की आशंका जताई गई है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी देते हुए 'आरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा सहित प्रदेश के करीब 50 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, जहां गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और मध्यम बारिश की संभावना है।
एमपी में मानसून के आने में होगी 5 से 7 दिन की देरी: 20 से 22 जून के बीच दस्तक के आसार
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने स्पष्ट किया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों को कवर करते हुए आगे बढ़ रहा है और 4 जून को केरल में इसकी दस्तक हो चुकी है। हालांकि, मध्य प्रदेश के संदर्भ में थोड़ी निराशाजनक खबर है। इस साल प्रदेश में मानसून की दस्तक 5 से 7 दिन लेट हो सकती है। सामान्यतः प्रदेश में मानसून के प्रवेश की तारीख 15 जून होती है, लेकिन इस बार इसके 20 से 22 जून के बीच आने की संभावना है। गौरतलब है कि पिछले साल 2025 में मानसून अपने तय समय के ठीक एक दिन बाद यानी 16 जून को मध्य प्रदेश में सक्रिय हो गया था।
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