राजगढ़ हादसे में एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत, धांसड़ गांव में हुआ गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार

राजगढ़ हादसे में जान गंवाने वाले देवास के धांसड़ गांव के 9 लोगों के शव मंगलवार सुबह लाए गए। लकवे के इलाज के लिए जा रहे एक ही परिवार के लोगों की मौत से शोक की लहर है।

Aug 11, 2026 - 13:13
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राजगढ़ हादसे में एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत, धांसड़ गांव में हुआ गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार

सोमवार को राजगढ़ जिले के सारंगपुर थाना क्षेत्र में हुए बेहद दर्दनाक और मर्मस्पर्शी सड़क हादसे में अपनी जान गंवाने वाले एक ही परिवार के 9 लोगों के शव देर रात देवास जिले के सतवास अस्पताल लाए गए। मंगलवार की सुबह सभी शवों को उनके पैतृक गांव धांसड़ ले जाया गया, जहाँ गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। सतवास थाना क्षेत्र के इस गांव में सुबह से ही मातम पसरा हुआ था और हल्की बारिश के बीच जब एक ही परिवार के 6 सदस्यों की अंतिम यात्रा निकली, तो देखने वालों की हर आँख नम हो गई। माता-पिता के साथ उनकी मासूम बच्चियों की अर्थियां एक साथ उठने से पूरा गांव रो पड़ा, जबकि अन्य तीन शवों का अंतिम संस्कार खंडवा जिले के पुनासा में किया गया।

🚗 स्वस्थ होने की उम्मीद लेकर निकले थे, सफर बन गया जिंदगीभर का जख्म

लकवे से पीड़ित महिला के स्वस्थ होने की एक छोटी सी उम्मीद लेकर यह परिवार घर से रवाना हुआ था, लेकिन किसी को नहीं पता था कि यह उनका आखिरी सफर साबित होगा। घर से निकलते वक्त उन्होंने सबसे यही कहा था कि वे इलाज करवाकर और दर्शन करके जल्द ही लौटेंगे। परिवार के लिए यह मान्यता थी कि जावर के पास कड़लावद धाम (लाखनपुर) में लकवे का सफल इलाज होता है। इसी उम्मीद में परिवार के लोग सोमवार तड़के चार बजे ही धांसड़ से इको कार किराए पर लेकर निकल पड़े थे ताकि पर्ची जल्दी कट सके। लेकिन रास्ते में पड़ाना के पास नाले के उफान में कार बह गई, जिससे उसमें सवार 9 लोगों की जान चली गई।

🩺 लकवे के इलाज के लिए जा रहा था परिवार, सिर्फ एक बेटा और बहू बचे

हादसे का शिकार हुआ यह परिवार शंकर चौहान (बंजारा) का था। ग्रामीणों के अनुसार, शंकर की पत्नी सागरबाई कुछ समय पहले वाहन से गिरकर घायल हो गई थीं, जिसके कारण उनके चेहरे पर लकवे का असर आ गया था। कई जगह इलाज कराने के बाद भी जब आराम नहीं मिला, तो वे राजगढ़ के इस धाम जा रहे थे। इस दर्दनाक हादसे में शंकर चौहान, उनकी पत्नी सागरबाई, बेटा विशाल, बहू पूजा, दो मासूम पोतियां वंशिका व महक, बड़ी बेटी रीनूबाई, उनके पति हुकुम पंवार और नाती राजवीर की मौत हो गई। इस भीषण हादसे के बाद अब परिवार में केवल शंकर का छोटा बेटा खुशाल चौहान और उसकी पत्नी ही बचे हैं, जो इंदौर में रहते हैं।

🏛️ विधायक मुरली भंवरा ने पहुँचकर बंधाया ढांढस, ग्रामीणों में पसरा सन्नाटा

राजगढ़ जिले में घटी इस हृदयविदारक घटना की खबर मिलते ही स्थानीय विधायक मुरली भंवरा दोपहर में धांसड़ गांव पहुँचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों से मुलाकात की, उन्हें ढांढस बंधाया तथा शासन स्तर से हरसंभव मदद दिलाने का पूरा आश्वासन दिया। वहीं, कार चालक मुकेश के भाई बाला नायक ने बताया कि उन्हें इस अनहोनी की जानकारी सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे तब मिली जब मुकेश ने किसी अन्य के फोन से संपर्क कर गाड़ी बहने की सूचना दी थी। इस बड़ी त्रासदी ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

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