नरवर के कॉलेज में निकला 6 फीट लंबा कोबरा, मुंह से चंदन गोहेरा उगलते देख सहम गए लोग
शिवपुरी के कॉलेज में 6 फीट लंबा कोबरा दिखाई दिया, जिसने मुंह से गोहेरा उगला। वहीं उज्जैन के मंदिर में भी शिवलिंग के पास कोबरा मिलने पर सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के नरवर स्थित सिद्धि विनायक कॉलेज में उस समय भारी हड़कंप मच गया, जब कॉलेज परिसर के भीतर करीब 6 फीट लंबा एक खतरनाक कोबरा सांप दिखाई दिया। इतने बड़े सांप को अपनी आंखों के सामने देखकर वहां मौजूद छात्र-छात्राओं और स्टाफ में डर का माहौल बन गया। तुरंत इसकी सूचना स्थानीय सर्प मित्र सलमान पठान को दी गई। सबसे ज्यादा हैरानी और दहशत तब फैली जब कोबरा ने पकड़ने की कोशिश के दौरान अपना फन और मुंह खोलकर एक 'चंदन गोहेरा' (छिपकली प्रजाति का जीव) बाहर उगल दिया, जिसे उसने कुछ समय पहले ही निगल लिया था।
🪵 सर्प मित्र की सूझबूझ से हुआ सफल रेस्क्यू, सुरक्षित जंगल में छोड़ा गया कोबरा
सूचना मिलते ही सर्प मित्र सलमान पठान तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पाया कि कॉलेज परिसर में एक 'इंडियन स्पेक्टेकल्ड कोबरा' मौजूद है। सलमान ने बेहद सावधानी और सूझबूझ के साथ कोबरा को रेस्क्यू करने का अभियान शुरू किया। जैसे ही उसे पकड़ने की कोशिश की गई, उसने अपना फन फैलाकर डराने की कोशिश की, लेकिन सर्प मित्र ने पूरी सतर्कता से उसे काबू में कर लिया। इसके बाद कोबरा को एक सुरक्षित डिब्बे में बंद कर शहर से दूर घने जंगल में छोड़ दिया गया, जिसके बाद कॉलेज प्रबंधन और विद्यार्थियों ने चैन की सांस ली। सर्प मित्र ने अपील की है कि कहीं भी सांप दिखने पर खुद छेड़छाड़ करने के बजाय तुरंत विशेषज्ञों को सूचना दें।
🙏 उज्जैन के कुसुमेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग के पास दिखा विशाल कोबरा, सावन में हुए दर्शन
दूसरी ओर, उज्जैन जिले के प्रसिद्ध कुसुमेश्वर महादेव मंदिर में हरियाली अमावस्या की देर शाम एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई। सावन के पवित्र महीने में संध्या आरती के दौरान मंदिर के पुजारी जब भगवान शिव की आराधना करने पहुंचे, तो उनकी नजर शिवलिंग के ठीक समीप फन फैलाए बैठे एक विशाल कोबरा पर पड़ी। इस अद्भुत और दुर्लभ दृश्य को देखकर एक पल के लिए सब हैरान रह गए। तुरंत सर्प मित्र राहुल मोखरिवाल को सूचना दी गई, जो मौके पर पहुंचे और सुरक्षित तरीके से कोबरा का रेस्क्यू कर उसे मंदिर परिसर से दूर सुरक्षित जंगल में छोड़ आए। मंदिर के पुजारी गौरव विश्वनाथ मिश्रा ने इसे सावन माह में महादेव के साथ नाग दर्शन का एक चमत्कारी संयोग बताया।
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