स्वतंत्रता दिवस पर लॉन्च हुई 'हर कहानी को एक आवाज़ चाहिए' फिल्म, आम भारतीयों के योगदान को सलाम
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 'हर कहानी को एक आवाज़ चाहिए' अभियान फिल्म लॉन्च की गई है। यह फिल्म देश के निर्माण में योगदान देने वाले आम नागरिकों और अनसुनी आवाज़ों को समर्पित है।
स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर एक विशेष अभियान फिल्म “हर कहानी को एक आवाज़ चाहिए” (Har Kahani Ko Ek Awaaz Chahiye) को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया है। यह फिल्म देश के उन तमाम शिक्षकों, किसानों, नर्सों, उद्यमियों और आम भारतीयों को एक सच्ची श्रद्धांजलि है, जिनका शांत, निष्काम और निरंतर योगदान हमारे देश के निर्माण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन जिन्हें अक्सर अपनी बात रखने या अपनी पहचान बनाने के लिए उचित मंच नहीं मिल पाता। इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज के इन सच्चे नायकों के संघर्ष और योगदान को प्रकाश में लाना है।
🇮🇳 तिरंगे का रूप लेती अनकही कहानियां: पूरे अगस्त महीने तक चलेगा यह विशेष अभियान
इस लघु फिल्म का समापन एक बेहद प्रभावशाली और भावुक दृश्य के साथ होता है, जिसमें आम नागरिकों और कर्मचारियों द्वारा लिखी गई कहानियाँ एक साथ मिलकर हमारे राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगे' का रूप ले लेती हैं। यह दृश्य इस बात का गहरा प्रतीक है कि अनगिनत अनकही और दबी हुई कहानियाँ, जब उन्हें सही आवाज़ और मंच मिलता है, तो वे मिलकर देश की व्यापक और मजबूत पहचान का एक अहम हिस्सा बन जाती हैं। अगस्त महीने के दौरान चलने वाली इस पहल के तहत शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों, किसानों और अन्य मेहनतकश लोगों की कहानियों को मुख्यधारा के मीडिया और सही दर्शकों तक पहुँचाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
🤝 PR24x7 की CEO नेहा गौर का संदेश: व्यवसाय के साथ-साथ समाज की अनसुनी आवाज़ों को समर्थन देना हमारी जिम्मेदारी
इस अभियान के लॉन्च के अवसर पर PR24x7 की CEO नेहा गौर और उनकी पूरी टीम ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि एक पीआर संगठन के रूप में वे एक ऐसे महत्वपूर्ण मुकाम पर हैं जहाँ उनके पास लोगों को पहचान दिलाने के लिए मंच और व्यापक पहुँच दोनों मौजूद हैं, और इसके साथ एक बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से यह उनकी कार्यसंस्कृति का हिस्सा बन चुका है कि वे अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल केवल व्यावसायिक कार्यों के लिए ही नहीं, बल्कि समाज की अनसुनी आवाज़ों को समर्थन देने, सार्थक मुद्दों के साथ खड़े होने और उन आम बदलाव लाने वालों का साथ देने के लिए करें जिन्हें अक्सर उनका वास्तविक सम्मान नहीं मिल पाता।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)