क्या E-20 पेट्रोल से कम हो रहा है आपकी गाड़ी का माइलेज? सरकार और तेल कंपनियों ने दी बड़ी सफाई

क्या E-20 पेट्रोल से माइलेज घट रहा है? पेट्रोलियम मंत्रालय व तेल कंपनियों ने दावों को खारिज कर असली कारण बताए।

Aug 16, 2026 - 09:42
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क्या E-20 पेट्रोल से कम हो रहा है आपकी गाड़ी का माइलेज? सरकार और तेल कंपनियों ने दी बड़ी सफाई

क्या ई-20 (E-20) पेट्रोल भरवाने से आपकी गाड़ी का माइलेज कम हो रहा है? अगर आपको भी ऐसा लगता है, तो केंद्र सरकार ने इस पर एक अहम स्पष्टीकरण जारी किया है। सरकार ने साफ किया है कि वाहनों के माइलेज में आने वाली गिरावट के लिए केवल ई-20 पेट्रोल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

इसके अलावा, देश की प्रमुख तेल कंपनियों ने भी उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें ई-20 पेट्रोल में पानी (नमी) या अत्यधिक क्लोराइड होने की बात कही जा रही थी।

🚗 गाड़ी का माइलेज घटने के पीछे क्या हैं असली कारण? पेट्रोलियम मंत्रालय का जवाब

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए बताया कि ई-20 ईंधन का पूरी तरह से परीक्षण किया गया है और इसका इंजन पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है।

सरकार के मुताबिक, किसी भी वाहन का माइलेज कई बाहरी और तकनीकी कारणों पर निर्भर करता है:

  • रखरखाव (Maintenance): गाड़ी का सही समय पर सर्विस और सही रखरखाव न होना।

  • ड्राइविंग स्टाइल: बार-बार अचानक ब्रेक लगाना या खराब ड्राइविंग आदतें।

  • ट्रैफिक स्थिति: भारी ट्रैफिक और जाम वाले इलाकों में लगातार गाड़ी चलाना।

  • टायर प्रेशर (Tyre Pressure): टायरों में हवा का दबाव मानक से कम होना।

  • एसी का प्रयोग: एयर कंडीशनर (AC) का लगातार और अत्यधिक इस्तेमाल।

नोट: सरकार ने पूर्व में यह जरूर स्वीकार किया था कि कुछ विशेष पुरानी गाड़ियों/इंजनों में ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से माइलेज में 3 से 5 प्रतिशत तक का मामूली अंतर आ सकता है।

🧪 ईंधन में पानी और क्लोराइड की मिलावट के दावे निकले झूठे: OMCs की रिपोर्ट

इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी दिग्गज तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने देश भर में पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर सघन जांच अभियान चलाया:

  • क्लोराइड की मात्रा जांच: रिफाइनरियों से लिए गए 100 से ज्यादा सैंपल्स में क्लोराइड का स्तर मात्र 1 पीपीएम (भाग प्रति मिलियन) या उससे कम मिला। वहीं 80 डिस्टिलरियों व डिपो/टर्मिनल्स के नमूनों में भी यह तय मानक (3 पीपीएम) से काफी नीचे पाया गया।

  • भंडारण टैंकों की जांच: कंपनियों ने स्पष्ट किया कि देशभर के करीब 90,000 पेट्रोल पंपों के अंडरग्राउंड स्टोरेज टैंकों की जांच में किसी भी टैंक में पानी की मौजूदगी का कोई मामला सामने नहीं आया है।

🛑 मिलावट रोकने पर सरकार की सख्त नजर: पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि तेल कंपनियों द्वारा रिटेल पेट्रोल पंपों पर निरंतर और गहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

इस दौरान ईंधन में मिलावट के जो इक्का-दुक्का मामले सामने आए हैं, उन पर नियमों के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जा रही है ताकि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण ईंधन मिल सके।

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