Gwalior: GRMC डीन के चैंबर में RTI कार्यकर्ता का हंगामा, फर्जी MLC और भ्रष्टाचार के लगाए गंभीर आरोप
ग्वालियर के GRMC डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ के चैंबर में आरटीआई कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी की सीधी भिड़ंत। फर्जी एमएलसी और डॉक्टर संरक्षण पर लगे गंभीर आरोप, वीडियो वायरल।
ग्वालियर। गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय (GRMC) में उस समय हड़कंप मच गया जब आरटीआई कार्यकर्ता आशीष चतुर्वेदी सीधे डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ के चैंबर में जा पहुंचे। लगभग साढ़े नौ मिनट के लाइव वीडियो में चतुर्वेदी ने डीन पर डॉक्टरों को संरक्षण देने, भ्रष्टाचार और पुलिस के साथ मिलकर फर्जी एमएलसी (MLC) रिपोर्ट तैयार करवाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस दौरान डीन सवालों के घेरे में असहज नजर आए।
जांच रिपोर्ट दबाने और डॉक्टरों को संरक्षण के आरोप
आशीष चतुर्वेदी ने डीन से डॉ. अक्षय निगम पर लगे खरीदी घोटाले के आरोपों पर सवाल किया कि सिद्ध दोष होने के बावजूद जांच रिपोर्ट को क्यों दबाया जा रहा है? इसके अलावा, उन्होंने डॉ. राम रावत और डॉ. गौरव कवि भार्गव पर सरकारी सेवा में रहते हुए निजी प्रैक्टिस करने का आरोप लगाते हुए पूछा कि दोषी होने के बाद भी इन पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?
फर्जी एमएलसी कांड में साठगांठ का दावा
बहस का सबसे गंभीर हिस्सा फर्जी एमएलसी कांड को लेकर रहा। चतुर्वेदी ने डीन से पूछा कि धर्मवीर यादव और आपके साले के संबंधों के कारण क्या यह मामला डेढ़ साल से लटकाया जा रहा है? डीन के जवाब कि "शहर में रहने के कारण सबके संबंध होते हैं," ने इन आरोपों को और बल दे दिया। साथ ही, 25 साल के प्रशासनिक अनुभव पर सवाल उठाते हुए कार्यकर्ता ने पूछा कि मेडिकल बोर्ड की जांच में संबंधित व्यक्ति को न बुलाना किस नियम के तहत आता है? इस पर डीन ने कहा कि वे किसी को बुलाने के लिए बाध्य नहीं हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
यह लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने जीआरएमसी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरटीआई कार्यकर्ता ने डीन को न केवल इस मामले में, बल्कि सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की कैंटीन टेंडर और नियमों की अनदेखी जैसे अन्य मामलों में भी कठघरे में खड़ा कर दिया है।
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