सिंहस्थ-2028 की तैयारी: ओंकारेश्वर में ₹160 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी, बदल जाएगी तीर्थ नगरी की सूरत
सिंहस्थ-2028 के लिए ओंकारेश्वर में बड़े विकास कार्यों को हरी झंडी। 160 करोड़ की लागत से पार्किंग, सड़कें, अस्पताल और हेलीपेड का होगा निर्माण।
खंडवा। आगामी 'सिंहस्थ-2028' को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने ओंकारेश्वर तीर्थ क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार का खाका तैयार कर लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल में आयोजित मंत्रि-मंडलीय समिति की छठी बैठक में ओंकारेश्वर के सुंदरीकरण और विकास के लिए करीब 160 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
सड़कों का विस्तार और यातायात सुगमता
तीर्थ नगरी में आवागमन को बेहतर बनाने के लिए नगर परिषद क्षेत्र में 12.63 करोड़ रुपये की लागत से सीसी सड़कों का निर्माण होगा, जो तीर्थ क्षेत्र को धूल-मुक्त बनाएंगी। इसके अलावा, यातायात का दबाव कम करने के लिए ओंकारेश्वर रोड-सनावद मार्ग पर 9.23 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण किया जाएगा, जिससे रेल फाटकों पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी।
पार्किंग और यात्री सुविधाओं का जाल
लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को प्रबंधित करने के लिए ओंकारेश्वर में आधुनिक पार्किंग व्यवस्था की जा रही है:
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मल्टीलेवल पार्किंग: 24.99 करोड़ रुपये की लागत से पार्किंग, फूड कोर्ट और प्रशासनिक ब्लॉक।
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कुबेर भंडारी पार्किंग: 38 करोड़ रुपये की लागत से तीन मंजिला पार्किंग सुविधा।
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घाटों का निर्माण: ओंकारेश्वर और मोरटक्का में सात नए घाटों का निर्माण, ताकि श्रद्धालुओं को स्नान में सुविधा हो।
स्वास्थ्य एवं आपातकालीन सेवाएं
स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए 4.74 करोड़ रुपये से अस्पताल व स्टाफ क्वार्टर तथा 12.68 करोड़ रुपये से अस्पताल भवन का उन्नयन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे 'सर्वसुविधायुक्त अस्पताल' बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और एयर एम्बुलेंस के संचालन के लिए ओंकारेश्वर में एक नए हेलीपेड का निर्माण भी प्रस्तावित है।
सुरक्षा और नया प्राधिकरण
आयोजन प्रबंधन को मजबूत करने के लिए 1.46 करोड़ रुपये की लागत से बैरक और प्रशिक्षण हॉल बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओंकारेश्वर-बड़वाह-खेड़ीघाट क्षेत्र के समग्र विकास हेतु एक 'पृथक प्राधिकरण' गठित करने के निर्देश दिए हैं। इन तमाम परियोजनाओं से सिंहस्थ-2028 के दौरान श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे ओंकारेश्वर के धार्मिक पर्यटन को वैश्विक पहचान मिलेगी।
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