100 करोड़ के टंट्या मामा भील बस टर्मिनल से नहीं शुरू हुईं बसें, अब परिसर में हो रहे हैं धार्मिक आयोजन
इंदौर का 100 करोड़ रुपये की लागत से बना टंट्या मामा भील आईएसबीटी कुमेड़ी अभी तक शुरू नहीं हो सका है, और अब इसका उपयोग भंडारे के लिए हो रहा है।
मध्य प्रदेश के इंदौर में इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार अत्याधुनिक टंट्या मामा भील अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) कुमेड़ी अभी तक यात्रियों के लिए सुचारू रूप से शुरू नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि बसों के संचालन का इंतजार कर रहे इस आधुनिक टर्मिनल का उपयोग अब भंडारे जैसे धार्मिक आयोजनों के लिए होने लगा है। सावन मास के पावन अवसर पर आईएसबीटी परिसर में स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पास एक बड़े भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं वाले इस टर्मिनल की कुर्सियों पर लोगों को बैठाकर प्रसाद परोसा गया।
🛑 दो साल से बंद पड़ा है टर्मिनल, बिना अनुमति के हुआ भंडारे का आयोजन
आईडीए द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए इस टर्मिनल से पिछले करीब दो साल से नियमित बसों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। बसों के अभाव में वीरान पड़े इस परिसर में अचानक धार्मिक आयोजन होने से इसके रखरखाव और उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह भंडारा क्षेत्र के एक किसान सुभाष चौधरी द्वारा आयोजित किया गया था, जिसके लिए आईडीए से किसी प्रकार की आधिकारिक अनुमति भी नहीं ली गई थी। इस मामले में आईडीए के सीईओ परीक्षित झाड़े ने कहा है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
🗳️ राजनीतिक सहभागिता और विरोध पर उठ रहे सवाल
इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ-साथ शहर कांग्रेस के पदाधिकारी और कई पार्षद भी शामिल हुए, जिसके चलते अब राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। जिस आईएसबीटी के संचालन में देरी को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार और प्रशासन को घेरते रहे हैं, उसी परिसर में हुए इस आयोजन के दौरान कांग्रेस नेताओं द्वारा विरोध दर्ज कराने के बजाय उसमें सहभागिता निभाने से कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)