नेपाल में चीनी के दाम आसमान पर: भारत के निर्यात प्रतिबंध का असर, जानें क्या है वजह?
भारत द्वारा चीनी निर्यात पर रोक के बाद नेपाल में कीमतों में भारी उछाल। एक महीने में चीनी ₹110 प्रति किलो तक पहुंची। जानिए क्या है पूरी स्थिति और कारण।
काठमांडू। नेपाल में चीनी की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। भारत द्वारा चीनी निर्यात पर लगाई गई रोक के बाद वहाँ के खुदरा बाजार में महंगाई का दबाव काफी बढ़ गया है। हालांकि नेपाल सरकार के पास अभी पर्याप्त स्टॉक होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन त्योहारी सीजन से पहले बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।
भारत के फैसले का नेपाल पर सीधा प्रभाव
भारत सरकार ने घरेलू बाजार में उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से सितंबर 2026 तक चीनी निर्यात पर रोक लगा रखी है। अल नीनो और कमजोर मानसून की आशंकाओं के चलते लिया गया यह फैसला अब पड़ोसी देश नेपाल की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है।
एक महीने में ₹15 प्रति किलो की वृद्धि
नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले एक महीने के भीतर चीनी की कीमतों में करीब 15 रुपये प्रति किलो की वृद्धि दर्ज की गई है। जो चीनी पहले 95 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, वह अब 110 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इस अचानक आई तेजी ने आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ मिठाई और अन्य खाद्य व्यवसायों से जुड़े व्यापारियों के लिए भी संकट पैदा कर दिया है।
उत्पादन में गिरावट और तस्करी की चुनौती
नेपाल में चीनी संकट का एक बड़ा कारण घरेलू उत्पादन में आई निरंतर गिरावट भी है। सालाना उत्पादन जो पहले लगभग 1.55 लाख टन था, वह अब घटकर 1.2 लाख टन रह गया है। इसके प्रमुख कारणों में:
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किसानों को समय पर भुगतान न मिलना।
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गन्ने की खेती के प्रति किसानों का घटता रुझान।
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सीमावर्ती क्षेत्रों से होने वाली अवैध चीनी तस्करी।
क्या भारत से मदद मांगेगा नेपाल?
नेपाल के उद्योग मंत्रालय का कहना है कि वर्तमान भंडार अक्टूबर तक की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। हालांकि, अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि त्योहारी सीजन के दौरान मांग में अचानक उछाल आता है, तो भारत से अतिरिक्त चीनी आपूर्ति का अनुरोध किया जा सकता है। फिलहाल, नेपाल सरकार बाजार में कृत्रिम कमी और जमाखोरी को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रख रही है।
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