मध्य प्रदेश में फर्जी डॉक्टरों पर लगाम कसने के लिए नया ऐप लॉन्च, क्लीनिक पर लगाना होगा QR कोड

मध्य प्रदेश स्टेट डेंटल काउंसिल ने फर्जी डॉक्टरों की पहचान के लिए नया ऐप लॉन्च किया है। अब क्लीनिक पर क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य होगा, जिससे मरीज डॉक्टर की सही जानकारी पा सकें।

Aug 19, 2026 - 18:28
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मध्य प्रदेश में फर्जी डॉक्टरों पर लगाम कसने के लिए नया ऐप लॉन्च, क्लीनिक पर लगाना होगा QR कोड

मध्य प्रदेश में अब किसी भी डॉक्टर के रजिस्ट्रेशन के नाम पर कोई दूसरा व्यक्ति अवैध रूप से प्रैक्टिस नहीं कर सकेगा। इस प्रकार के फर्जी डॉक्टरों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए मध्य प्रदेश स्टेट डेंटल काउंसिल ने एक अभिनव पहल करते हुए नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। इस ऐप के माध्यम से सभी रजिस्टर्ड डेंटिस्ट को अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, जिससे एक विशेष क्यूआर (QR) कोड जनरेट होगा। इस क्यूआर कोड को डॉक्टरों को अपनी क्लीनिक के बाहर चस्पा करना होगा, जिसे स्कैन करके मरीज आसानी से डॉक्टर की असली पहचान और उनकी पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

🛡️ 15 हजार डेंटिस्ट को मिलेगा फायदा, सुश्रुत सुरक्षा योजना के तहत 10 लाख तक का बीमा

राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में सांसद राजेश मिश्रा की प्रमुख उपस्थिति और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के वर्चुअल माध्यम से जुड़ने के बाद इस ऐप सहित कुल तीन महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ किया गया। मध्य प्रदेश स्टेट डेंटल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. चंद्रेश शुक्ला ने बताया कि इस ऐप से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और डेंटिस्ट को साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सीधे आधिकारिक स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा 'सुश्रुत सुरक्षा योजना' के अंतर्गत प्रदेश के करीब 15 हजार डेंटिस्ट को मात्र 100 रुपये के प्रीमियम पर 10 लाख रुपये तक का प्रोफेशनल इंडेम्निटी कवर दिया जाएगा, जो मेडिको-लीगल मामलों में मददगार होगा।

🤝 कर्मयोगी जीवन सुरक्षा योजना और डॉक्टरों के लिए विशेष संदेश

इस कार्यक्रम के दौरान 'कर्मयोगी जीवन सुरक्षा योजना' की भी शुरुआत की गई, जिसके तहत रजिस्टर्ड डेंटिस्ट को 3 लाख रुपये तक का दुर्घटना एवं दिव्यांगता बीमा कवर प्रदान किया जाएगा ताकि आपात स्थिति में चिकित्सक और उनके परिवार को वित्तीय सुरक्षा मिल सके। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद एवं डेंटिस्ट डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र पूरी तरह से विश्वास पर टिका हुआ है, इसलिए डॉक्टरों को मरीजों के साथ बेहतर संवाद और व्यक्तिगत रिश्ते स्थापित करने पर विशेष जोर देना चाहिए ताकि चिकित्सा पेशे की गरिमा और विश्वसनीयता हमेशा बनी रहे।

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