मध्य प्रदेश में बिछ रहा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का जाल, भोपाल से घट जाएगी इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर की दूरी

मध्य प्रदेश में भोपाल को महानगरों से जोड़ने के लिए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाए जा रहे हैं। इन प्रोजेक्ट्स से भोपाल से इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर की दूरी काफी कम हो जाएगी।

Aug 19, 2026 - 19:00
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मध्य प्रदेश में बिछ रहा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का जाल, भोपाल से घट जाएगी इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर की दूरी

मध्य प्रदेश रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में एक मिसाल कायम कर रहा है, जहाँ पूरे प्रदेश में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का एक नया जाल बिछाया जा रहा है। ग्वालियर-भोपाल और भोपाल-जबलपुर एक्सप्रेस-वे का डीपीआर (DPR) तैयार करने के लिए वर्तमान में टेंडर प्रक्रिया जारी है, वहीं बहुप्रतीक्षित भोपाल-इंदौर ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेस-वे को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जा चुका है। इसके अलावा मंदसौर-भोपाल प्रोजेक्ट की डीपीआर पर भी तेजी से काम चल रहा है। इन सभी परियोजनाओं के आकार लेते ही मध्य प्रदेश के प्रमुख महानगर राजधानी भोपाल से हाई-स्पीड एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के जरिए सीधे कनेक्ट हो जाएंगे।

🏗️ 50 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स का खाका तैयार, मुख्य सचिव ने लिया तैयारियों का जायजा

मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने हाल ही में इन सभी महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की है। फिलहाल इन सभी प्रोजेक्ट्स की कुल अनुमानित लागत 50 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है। इन प्रोजेक्ट्स का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के बड़े शहरों से राजधानी भोपाल की कनेक्टिविटी को वर्ल्ड-क्लास बनाना है। इनके पूरा होने से भोपाल से इंदौर की दूरी में करीब 25 किमी, संस्कारधानी जबलपुर की दूरी में 47 किमी और ग्वालियर की दूरी में लगभग 80 किमी की भारी कमी आने की उम्मीद है, जिससे यात्रियों के सफर के समय में भी कई घंटों की बचत होगी।

📍 भोपाल में पूर्वी-पश्चिमी बायपास और विदिशा रोड फोरलेन का होगा निर्माण

महानगरों को जोड़ने वाले इन एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट्स से पहले राजधानी भोपाल और उसके आसपास कई अन्य बुनियादी सड़क विकास कार्यों को पूरा किया जाएगा। इसमें भोपाल में पश्चिमी और पूर्वी बायपास का निर्माण शामिल है। इसके अलावा, जर्जर हो चुके भोपाल-विदिशा रोड को 1617 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन बनाने के लिए कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। लगभग 52 किमी लंबे पूर्वी बायपास (लागत 4 हजार करोड़) और करीब 36 किमी लंबे पश्चिमी बायपास (लागत 4500 करोड़ से अधिक) के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

🎯 सिंहस्थ से पहले एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट्स को धरातल पर उतारने की तैयारी

सिंहस्थ महाकुंभ से पहले प्रदेश सरकार का पूरा फोकस इन हाई-स्पीड प्रोजेक्ट्स को गति देने पर है। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर और मंदसौर से भोपाल को जोड़ने वाले इन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से यात्रा का समय और दूरी दोनों घटेंगे। भोपाल-ग्वालियर 320 किमी लंबा फोरलेन होगा जिस पर सर्वे का काम शुरू होना है, वहीं भोपाल-मंदसौर मार्ग पर सफर अब 8-9 घंटे की बजाय महज 5-6 घंटे में तय हो सकेगा। सरकार के इन महत्वाकांक्षी प्रयासों से मध्य प्रदेश के परिवहन तंत्र को एक नई रफ्तार और मजबूती मिलने जा रही है।

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