मध्य प्रदेश सरकार ने 10 साल बाद जारी की कृषि उपज मंडियों की नई ग्रेडिंग, 54 मंडियां उच्च ग्रेड में पहुंचीं

मध्य प्रदेश सरकार ने 10 साल बाद कृषि उपज मंडियों की नई ग्रेडिंग जारी कर दी है। 47 मंडियां ए-ग्रेड और 63 बी-ग्रेड में पहुंची हैं, जिससे किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

Aug 20, 2026 - 11:54
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मध्य प्रदेश सरकार ने 10 साल बाद जारी की कृषि उपज मंडियों की नई ग्रेडिंग, 54 मंडियां उच्च ग्रेड में पहुंचीं

मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों और मंडी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाते हुए 10 साल के लंबे अंतराल के बाद प्रदेश की कृषि उपज मंडियों की नई ग्रेडिंग (वर्गीकरण) जारी कर दी है। वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान मंडियों की औसत आय और अनाज की आवक को आधार मानकर यह नया वर्गीकरण तैयार कर लागू किया गया है। इस नई ग्रेडिंग प्रणाली के तहत इस बार प्रदेश की 54 मंडियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उच्च ग्रेड में अपनी जगह बनाई है।

📊 ग्रेडिंग के मुख्य आंकड़े: ए-ग्रेड में 47 और बी-ग्रेड में शामिल हुईं 63 मंडियां

नई ग्रेडिंग सूची के अनुसार मंडियों की स्थिति इस प्रकार है:

  • A-ग्रेड मंडियां (47): जिन मंडियों की सालाना आय 6 करोड़ रुपये से अधिक रही है, उन्हें ए-ग्रेड में रखा गया है। इस बार इसमें 8 नई मंडियां जुड़ी हैं (पिछली बार यह संख्या 39 थी)। खास बात यह है कि केवल भोपाल संभाग की 16 मंडियां इस सूची में जगह बनाने में सफल रही हैं।

  • B-ग्रेड मंडियां (63): 3 से 6 करोड़ रुपये के बीच सालाना आय वाली 63 मंडियों को बी-ग्रेड मिला है। इसमें 21 नई मंडियां शामिल हुई हैं (पिछली बार इनकी संख्या 42 थी)।

  • C एवं D-ग्रेड मंडियां: प्रदेश की कुल 259 मंडी समितियों और 298 उपमंडियों में से C-वर्ग में 81 तथा D-वर्ग में 68 मंडियां आई हैं। सरकार ने अब इन मंडियों की स्थिति सुधारने की कवायद तेज कर दी है।

🚜 किसानों और मंडी व्यवस्था को क्या होंगे फायदे?

मंडियों के अपग्रेड होने से इसका सीधा लाभ किसानों और मंडी प्रशासन को मिलेगा:

  • सुविधाओं में विस्तार: उच्च ग्रेड वाली मंडियों में किसानों की सुविधा के लिए अधिक शेड, बेहतर कैंटीन, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और ज्यादा तौल कांटे लगाए जाएंगे।

  • समय और अनाज की बचत: अधिक तौल कांटे लगने से तौल का काम जल्दी होगा, जिससे किसानों का कीमती समय बचेगा। साथ ही, शेड बढ़ने से बारिश या खराब मौसम में अनाज सुरक्षित रखा जा सकेगा।

  • प्रशासनिक मजबूती: नई ग्रेडिंग से मंडी समितियों की प्रशासनिक और वित्तीय क्षमता में इजाफा होगा। ग्रेड के अनुसार ही मंडियों में अधिकारी-कर्मचारियों का नया सेटअप तैयार किया जाएगा, जिससे कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

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