सिंगरौली में उफनती नदी पार कर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे, भोपाल के सरकारी स्कूल में गंदगी और बदहाली
सिंगरौली में बच्चों को उफनती नदी पार कर स्कूल जाना पड़ रहा है, वहीं भोपाल के सरकारी स्कूल में भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। जानिए मध्य प्रदेश के स्कूलों की स्थिति।
भोपाल: मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर सरकारी स्कूलों की हालत काफी चिंताजनक बनी हुई है। आए दिन सड़कें न होने, जलभराव, स्कूलों की छत टपकने और मूलभूत सुविधाओं के अभाव की खबरें सामने आती रहती हैं। इसी प्रकार का हाल राजधानी भोपाल और ऊर्जाधानी सिंगरौली में देखने को मिला है। सिंगरौली में बीते एक हफ्ते की तेज बारिश ने लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है, जहाँ चितरंगी के एक गांव से सैकड़ों बच्चों को हर रोज अपनी जान जोखिम में डालकर उफनती नदी पार करके स्कूल जाना पड़ रहा है।
🌉 सुखारा टोला के बच्चों की मजबूरी, राज्यमंत्री राधा सिंह ने दिया यह जवाब
सिंगरौली के जनपद पंचायत चितरंगी की ग्राम पंचायत पराई के सुखारा टोला में बच्चों को स्कूल पहुँचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण रमेश के अनुसार, गांव से निकलने का यही एकमात्र रास्ता है, जो बारिश के कारण पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। आपात स्थिति में एंबुलेंस और मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी दिक्कतें आती हैं। इस पर राज्यमंत्री राधा सिंह का कहना है कि पहाड़ी इलाका होने के कारण बारिश का पानी कुछ घंटे बहता है, और सरकार क्षेत्र के विकास के लिए लगातार काम कर रही है।
🏫 भोपाल के टीला जमालपुरा स्कूल में बदहाली, पानी और शौचालय तक की नहीं है व्यवस्था
दूसरी ओर, राजधानी भोपाल के वार्ड 13 टीला जमालपुरा स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय की स्थिति भी बेहद दयनीय है। यहाँ न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही शौचालय उपलब्ध है। स्कूल के मैदान में गंदा पानी और कीचड़ भरा हुआ है, जहाँ आवारा मवेशियों ने डेरा डाल रखा है। प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि 148 बच्चों की संख्या वाले इस स्कूल की समस्याओं को लेकर कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया है। वहीं, स्थानीय पार्षद मनोज राठौर ने जल्द ही बजट पास कराकर निर्माण कार्य शुरू करवाने का आश्वासन दिया है।
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