वर्ग-3 शिक्षक भर्ती कटऑफ विवाद पर DPI के बाहर जोरदार हंगामा, एबीवीपी और छात्र नेताओं में तनातनी
भोपाल में वर्ग-3 शिक्षक भर्ती की कटऑफ तारीख को लेकर डीपीआई परिसर में हंगामा हुआ है। अधिकारियों से अभद्रता के विरोध में कर्मचारी संगठनों ने 21 अगस्त को कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है।
राजधानी भोपाल स्थित लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) परिसर में वर्ग-3 शिक्षक भर्ती की कटऑफ तारीख को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन गुरुवार को अचानक काफी उग्र हो गया। इस दौरान अभ्यर्थियों के समर्थन में पहुँचे एबीवीपी (ABVP) कार्यकर्ताओं और निर्दलीय छात्र नेताओं के बीच श्रेय लेने की होड़ में आपसी तनातनी और धक्का-मुक्की देखने को मिली। परिसर में बढ़ते हंगामे को देखते हुए तुरंत भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभद्रता किए जाने के आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए शुक्रवार (21 अगस्त) को प्रदेश भर के स्कूलों और शिक्षा कार्यालयों में सांकेतिक तालाबंदी व कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है।
📋 कटऑफ तारीख बढ़ाने की मांग पर अड़े अभ्यर्थी, श्रेय की होड़ में भिड़े छात्र संगठन
प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा-2025 (वर्ग-3) के लगभग 900 चयनित अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर पिछले 17 दिनों से डीपीआई कार्यालय के सामने धरने पर बैठे हुए हैं। इनकी मुख्य मांग है कि डीएड पात्रता की दस्तावेज मान्यता तिथि को 25 अगस्त 2025 से बढ़ाकर 10 अगस्त 2026 किया जाए, ताकि इस समयावधि के दौरान डीएड पूरा करने वाले अन्य छात्र भी नियुक्ति के लिए पात्र हो सकें। गुरुवार दोपहर जब निर्दलीय छात्र नेता अमन सिंह चौहान और करीब 25-30 एबीवीपी कार्यकर्ता परिसर में पहुँचे, तो दोनों गुट आपस में भिड़ गए। प्रदर्शनकारी उग्र रूप धारण करते हुए आयुक्त अभिषेक सिंह के चेंबर तक जा पहुँचे, जहाँ कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार की बात सामने आई।
🚨 कर्मचारी संगठन लामबंद, पुलिस बल तैनात और सुरक्षा बढ़ाने की मांग
इस अप्रत्याशित हंगामे के विरोध में राज्य शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश यादव, लघु वेतन कर्मचारी संघ के महेंद्र शर्मा और राज्य कर्मचारी संघ के जितेंद्र सिंह सहित कई प्रमुख कर्मचारी नेता तुरंत लामबंद हो गए। उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दफ्तरों में इस तरह का माहौल सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रात में कलेक्टर, डीसीपी और एसीपी सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा और मुख्य गेट पर ताला लगाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। हालांकि इस मामले में फिलहाल कोई औपचारिक आपराधिक मामला दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन कर्मचारी संगठनों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था कड़े करने की मांग की है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)