केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के विरोध में राहुल गांधी से मिले प्रभावित किसान, छतरपुर आने का दिया आमंत्रण

केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित किसानों और कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में राहुल गांधी से मिला। राहुल गांधी ने छतरपुर आने का आश्वासन दिया है।

Aug 21, 2026 - 17:44
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केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के विरोध में राहुल गांधी से मिले प्रभावित किसान, छतरपुर आने का दिया आमंत्रण

मध्य प्रदेश के पन्ना और छतरपुर जिलों में चल रही महत्वाकांक्षी 'केन-बेतवा लिंक परियोजना' को लेकर राजनीति और विरोध के स्वर एक बार फिर तेज हो गए हैं। परियोजना के खिलाफ लंबे समय से आंदोलन कर रहे कार्यकर्ताओं और प्रभावित किसानों का एक 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल हाल ही में दिल्ली पहुँचा, जहाँ उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने परियोजना से जुड़ी विस्थापन और मुआवजे की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया, जिसके बाद राहुल गांधी ने उनके हक में आवाज उठाने और जल्द ही छतरपुर आने का आश्वासन दिया है।

💰 मुआवजा बढ़ने के बाद भी अमित भटनागर और कार्यकर्ताओं के आरोप जारी

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सपने और बुंदेलखंड क्षेत्र को सूखा मुक्त बनाने के उद्देश्य से इस परियोजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। योजना के शुरू होने के बाद से ही प्रभावित विस्थापितों द्वारा लगातार आंदोलन किए जा रहे थे। कभी आमरण अनशन तो कभी जल सत्याग्रह के जरिए मुआवजे की मांग उठाई गई थी। हालांकि, राज्य की मोहन यादव सरकार ने कैबिनेट में फैसला लेते हुए मुआवजे की राशि को 5 लाख से बढ़ाकर 12.5 लाख रुपये कर दिया था और छूटे हुए परिवारों के लिए दोबारा सर्वे कराने का भी निर्णय लिया था, जिसके बाद अनशन समाप्त हो गया था। इसके बावजूद सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि धरातल पर पात्र लोगों को अब तक पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है और अपात्रों को मुआवजा दिया जा रहा है।

🌊 क्या है केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट और राहुल गांधी का दौरा?

केन-बेतवा लिंक परियोजना देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना है, जिस पर लगभग 44,000 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। इसके तहत ढोढन बांध और 221 किलोमीटर लंबी नहर का निर्माण किया जाना है, जिससे 10.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई, 62 से 65 लाख लोगों को पेयजल और 103 मेगावाट बिजली मिलने का लक्ष्य है। इस परियोजना के दायरे में कुल 22 गाँव आते हैं, जिनमें से 10 गाँव पूरी तरह डूब क्षेत्र में हैं और लगभग 7,000 परिवारों का विस्थापन होना है। सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर और पार्षद दिव्या आहिरवार ने बताया कि राहुल गांधी ने उनकी बातें ध्यान से सुनीं और प्रभावित परिवारों के दर्द को समझते हुए जल्द ही छतरपुर आने की बात कही है।

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