Sajjan Singh Verma Attack: पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा का सरकार पर बड़ा हमला, नीट घोटाले से लेकर सिंहस्थ भ्रष्टाचार तक पर उठाए सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने सरकार पर बोला तीखा हमला। नीट धांधली, सिंहस्थ भ्रष्टाचार, आवास योजना की खामियों और कैंसर दवाओं की बढ़ती कीमतों पर सरकार को घेरा।
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने केंद्र और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर जोरदार हमला बोला है। एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने नीट (NEET) परीक्षा की धांधली, सिंहस्थ के नाम पर हो रहे विकास कार्यों, शहरी आवास योजना की विफलता और कैंसर जैसी जीवनरक्षक दवाओं की आसमान छूती कीमतों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। वर्मा ने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है और मंत्रियों का ध्यान सिर्फ भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने पर है।
🔥 नीट परीक्षा और युवाओं का भविष्य
नीट और सीबीएसई जैसी परीक्षाओं में हुई धांधली को लेकर सज्जन वर्मा ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इन प्रतिष्ठित परीक्षाओं में 'घुन' लग चुका है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी गड़बड़ी के बाद भी इस्तीफा न देना उनकी नैतिक विफलता दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन पीड़ित नौजवानों और उनके माता-पिता के आंसू इसी तरह बहते रहे, तो यह सरकार पूरी तरह बह जाएगी।
🛣️ सिंहस्थ और विकास कार्यों में 'बंदरबांट'
सिंहस्थ से जुड़े विकास कार्यों, विशेषकर इंदौर-भील मार्ग के 48 किलोमीटर के ग्रीनफील्ड निर्माण पर बात करते हुए वर्मा ने दावा किया कि इसमें बड़ा भ्रष्टाचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जानबूझकर इसका बजट आवश्यकता से अधिक बढ़ा दिया है ताकि ठेकेदार, मंत्री और इंजीनियर मिलकर जनता का पैसा लूट सकें। उनका दावा है कि ईमानदारी से काम किया जाए, तो यह निर्माण आधे से भी कम बजट में संभव है।
🏠 शहरी आवास योजना: दिखावे का विकास
शहरी आवास योजना पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना न्याय कम और भ्रष्टाचार का दिखावा ज्यादा है। मकानों का निर्माण ऐसी जगहों पर किया गया है जहाँ बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर का नामो-निशान नहीं है, जिससे दो साल से तैयार होने के बावजूद लोग वहाँ रहने को तैयार नहीं हैं। देखरेख के अभाव में ये मकान अभी से जर्जर और खंडहर में तब्दील हो रहे हैं।
💊 कैंसर की दवाओं पर बढ़ता आर्थिक बोझ
सज्जन वर्मा ने दवाओं की कीमतों को लेकर सरकार के दावों को 'खोखला' बताया। उन्होंने कहा कि सरकार जहां कैंसर की दवाओं के दाम 25 प्रतिशत कम करने का दावा कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत यह है कि इन दवाओं की कीमतें 50 प्रतिशत तक बढ़ चुकी हैं, जिससे मरीजों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
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