गोदाम में चल रहा शासकीय स्कूल, हैंडपंप पर कब्जे से नाराज छात्राओं ने किया चक्काजाम; प्रिंसिपल पर लगे गंभीर आरोप

सागर जिले के देवरी में सहकारिता गोदाम में चल रहे शासकीय स्कूल की छात्राओं ने पानी और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर स्टेट हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। प्राचार्य पर भी गंभीर आरोप लगे हैं।

Aug 25, 2026 - 15:44
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गोदाम में चल रहा शासकीय स्कूल, हैंडपंप पर कब्जे से नाराज छात्राओं ने किया चक्काजाम; प्रिंसिपल पर लगे गंभीर आरोप

मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी विकासखंड अंतर्गत रसेना गांव में स्कूली छात्राओं ने अपनी विभिन्न समस्याओं और अधिकारों को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया है। जंतर-मंतर पर जेन-जी के आंदोलन से प्रेरित होकर अब छात्र-छात्राएं भी अपनी सुविधाओं और हक के प्रति अधिक जागरूक और मुखर होते नजर आ रहे हैं। रसेना गांव में सहकारिता गोदाम में संचालित हो रहे शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्राओं ने स्कूल भवन, पेयजल, खेल मैदान और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर स्टेट हाईवे पर जोरदार चक्काजाम कर दिया। करीब ढाई घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद अधिकारियों की समझाइश और मौके पर पहुंचे अतिक्रमण को हटाने के आश्वासन पर जाम खोला गया।

💧 हैंडपंप पर तार फेंसिंग कर कब्जे से भड़कीं छात्राएं, प्रशासन ने जेसीबी बुलवाकर हटाया अवैध कब्जा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को जब छात्राएं स्कूल पहुँचीं, तो उन्होंने देखा कि परिसर में लगे एकमात्र हैंडपंप पर एक स्थानीय महिला द्वारा तार फेंसिंग कर अवैध कब्जा कर लिया गया है, जिससे उन्हें पीने का पानी तक नहीं मिल पा रहा था। इससे आक्रोशित होकर छात्राओं ने स्टेट हाइवे पर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार दीवान चंद्रभान सिंह और थाना प्रभारी अजय भदौरिया मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने छात्राओं की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जेसीबी मशीन बुलवाई और देर शाम तक स्कूल परिसर व हैंडपंप से अवैध कब्जा पूरी तरह हटवा दिया।

🏢 गोदाम में चल रहा 550 छात्राओं का स्कूल, प्राचार्य पर रिश्वत लेकर कब्जा कराने के लगे गंभीर आरोप

यह शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल मात्र चार कमरों के एक गोदाम में संचालित हो रहा है, जहाँ 550 छात्राएं दो पालियों में पढ़ने को मजबूर हैं। स्थिति इतनी दयनीय है कि छात्राओं को भीड़-भाड़ के बीच बैठना पड़ता है और खुले में शौच जाने की विवशता है। इस दौरान स्कूल में हंगामा करने वाली महिला धर्मवती वैरागी ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने यह कब्जा स्कूल के प्राचार्य प्रभात लोधी की सहमति से किया था, जिन्होंने इसके एवज में 20 हजार रुपये मांगे थे और 8 हजार रुपये एडवांस लिए गए थे। हालांकि, प्राचार्य प्रभात लोधी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे झूठा बताया है और पुलिस को अपनी सुरक्षा के लिए शिकायत दी है। खास बात यह है कि इस स्कूल के लिए 7.58 हेक्टेयर जमीन और भवन निर्माण हेतु 1 करोड़ 17 लाख रुपये स्वीकृत होने के बावजूद अभी तक नया भवन नहीं बन पाया है, जिससे स्थानीय प्रशासन और लालफीताशाही की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

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