सतना और चित्रकूट में बाढ़ से 700 से अधिक लोगों का रेस्क्यू, सीएम ने दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा पहुंचकर सतना और चित्रकूट में बाढ़ के हालातों की समीक्षा की है। वायुसेना और रेस्क्यू टीमों की मदद से 700 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार की देर रात अचानक दिल्ली से सीधे रीवा पहुँचे। रीवा के सर्किट हाउस (राजनिवास) में पहुँचते ही उन्होंने एक आपात उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। इस बैठक में उन्होंने हाल ही में चित्रकूट में आई भीषण बाढ़ से बिगड़े हालातों के साथ-साथ रीवा और सतना जिलों में लगातार बारिश के कारण उत्पन्न हुए जलभराव के हालातों की बेहद बारीकी से समीक्षा की। इस महत्वपूर्ण बैठक में रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेंद्र सिंह, आईजी गौरव सिंह राजपूत, कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और नगर निगम कमिश्नर अक्षत जैन व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सतना कलेक्टर से जुड़कर चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की अद्यतन जानकारी ली गई। रीवा शहर में भी एक बार फिर जलभराव की स्थिति बनने के चलते सीएम ने प्रशासन को त्वरित और पुख्ता कदम उठाने के निर्देश दिए।
🚁 चित्रकूट में 700 लोगों का सफल रेस्क्यू, 10 स्थानों पर बनाए गए राहत शिविर और बांटे गए फूड पैकेट
रीवा में मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि वे बालाघाट से दिल्ली गए थे और वहाँ से सीधे रीवा पहुँचे हैं। उन्हें सूचना मिली थी कि सतना जिले के सिमरावाल और मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से सतना और चित्रकूट में बाढ़ जैसे बेहद गंभीर हालात पैदा हो गए हैं। स्थिति से निपटने के लिए तुरंत सभी प्रकार की राहत और बचाव टीमों को तैनात किया गया। जिला प्रशासन ने पूरी मुस्तैदी से काम करते हुए लगभग 700 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है, जिनमें से कुछ लोगों को हेलीकॉप्टर और कुछ को नावों की मदद से बचाया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि चित्रकूट में प्रभावित लोगों के ठहरने के लिए 10 अलग-अलग स्थानों पर आश्रय स्थल बनाए गए हैं और अब तक 6,000 से अधिक फूड पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। गनीमत यह रही कि इस आपदा में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर है।
📋 सतना कलेक्टर ने दी जानकारी, मुख्यमंत्री ने दिए सर्वे और राहत राशि के निर्देश
सतना जिला कलेक्टर सतीश कुमार एस ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि चित्रकूट में स्थिति अब नियंत्रण में है और लगातार निगरानी रखी जा रही है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर जो दोपहर तक 146 मीटर तक पहुँच गया था, उसने कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया था जिसके चलते लोग छतों पर शरण लेने को मजबूर हुए थे। एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें लगातार जुटी रहीं और रास्ते बंद होने के कारण हेलीकॉप्टर की मदद लेनी पड़ी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ उतरने के तुरंत बाद सर्वे कराया जाए और आरबीसी (RBC) 6/4 के प्रावधानों के तहत प्रभावितों को मुआवजा व राहत राशि दी जाए। साथ ही सतना-चित्रकूट मार्ग और सदगुरु आश्रम में रुके श्रद्धालुओं के परिजनों से संपर्क करने के भी निर्देश दिए गए हैं। राजनिवास में रात्रि विश्राम के बाद मुख्यमंत्री रविवार की सुबह सीधे चित्रकूट के लिए रवाना होंगे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का जमीनी दौरा करेंगे।
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