लिफ्ट टूटने से मरीज की गर्दन फंसने से गई जान, पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई का दिया आश्वासन

रीवा के एक निजी अस्पताल की लिफ्ट में फंसकर मरीज की दर्दनाक मौत हो गई है। घटना से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Aug 30, 2026 - 12:48
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लिफ्ट टूटने से मरीज की गर्दन फंसने से गई जान, पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई का दिया आश्वासन

मध्य प्रदेश के रीवा जिले के समान थाना क्षेत्र अंतर्गत शनिवार की रात एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज हादसा सामने आया है। यहाँ स्थित एक निजी अस्पताल की लिफ्ट में फंस जाने के कारण इलाज के लिए भर्ती एक मरीज की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस अप्रत्याशित हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर भारी लापरवाही का आरोप लगाया और न्याय की मांग करते हुए अस्पताल के बाहर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों का यह भी कहना था कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अस्पताल को तत्काल सील कर बंद किया जाए, अन्यथा वे अस्पताल भवन को आग लगा देंगे। घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस तुरंत भारी बल के साथ मौके पर पहुँची, हालांकि इस दौरान परिजनों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान उनके साथ मारपीट की और उन्हें जमीन पर घसीटा।

🛗 कंधे की हड्डी टूटने पर कराया था भर्ती, कर्मचारी ने परिजनों को रोका और लिफ्ट में फंस गई मरीज की गर्दन

मृतक के बेटे हिमांशु सेन ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि वे मूल रूप से अमरपाटन के लालपुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता सुरेश सेन कुछ दिन पहले पेड़ से नीचे गिर गए थे, जिसके कारण उनके शरीर में कई अंदरूनी गंभीर चोटें आई थीं और उनके कंधे की हड्डी भी टूट गई थी। इसी गंभीर स्थिति के चलते शनिवार की शाम को उन्हें रीवा के इस निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रात के वक्त अस्पताल का एक कर्मचारी उनके पिता सुरेश सेन को स्ट्रेचर पर लिटाकर लिफ्ट के जरिए अस्पताल के ऊपरी हिस्से में ले जा रहा था। जब परिजनों ने भी साथ जाने के लिए लिफ्ट में प्रवेश करना चाहा, तो उस कर्मचारी ने उन्हें अंदर आने से मना कर दिया।

⚠️ हादसे से 20 मिनट पहले भी फंसी थी लड़की, सीढ़ियों से पहुंचे परिजनों ने देखा भयानक मंजर

हिमांशु सेन का आरोप है कि कर्मचारी ने उन्हें सीढ़ियों के रास्ते ऊपर आने के लिए कहा। जब वे लोग दौड़कर सीढ़ियों से ऊपर पहुंचे और लिफ्ट के पास गए, तो उन्होंने देखा कि उनके पिता का आधा शरीर लिफ्ट के निचले हिस्से में बुरी तरह फंसा हुआ था और मौके से अस्पताल का वह कर्मचारी गायब था। परिजनों का दावा है कि इस हादसे से ठीक 20 मिनट पहले भी उसी लिफ्ट में एक अन्य लड़की फंसी थी, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने कोई सबक नहीं सीखा और जरा भी सावधानी नहीं बरती। वहीं, इस मामले पर सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि पुलिस को सूचना मिलते ही शव को संजय गांधी अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में शिफ्ट करवा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया जांच में यह बात सामने आई है कि लिफ्ट का तकनीकी हिस्सा टूटने के कारण मरीज की गर्दन उसमें फंस गई थी, जिससे उनकी जान चली गई। पुलिस सभी साक्ष्यों को जुटाकर मामले में सख्त वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

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