छतरपुर में मूसलाधार बारिश से उफनी केन और धसान नदियां, लहचूरा और सुजारा बांध के खोले गए गेट
छतरपुर में लगातार बारिश के चलते केन और धसान नदी का जलस्तर बढ़ गया है। लहचूरा और सुजारा बांध के गेट खोलकर पानी छोड़ा गया है, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है।
चित्रकूट और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में भी साफ दिखने लगा है। यहाँ मंदाकिनी नदी के उफान पर होने के साथ-साथ छतरपुर की जीवनरेखा कही जाने वाली केन और धसान नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि पानी का दबाव बढ़ने के कारण लहचूरा बांध के 9 और वान सुजारा बांध के 8 गेट खोलने पड़े हैं। इस भारी जलभराव और नदियों के विकराल रूप के कारण उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे छतरपुर के कई ग्रामीण इलाकों का जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
🚶♂️ चंदला और गौरिहार क्षेत्र के कई गांव कटे, किसानों को उठानी पड़ रही है भारी परेशानी
लगातार जारी बारिश के चलते छतरपुर जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित यूपी बॉर्डर के पास के इलाके जैसे चंदला, गौरिहार, नेहरा, लसगरा, खड्डी, पहरा और पड़वार सहित दर्जनों गांवों का संपर्क कट चुका है। केन नदी में अत्यधिक पानी भर जाने के कारण ग्रामीणों को अपने खेतों तक जाने या रोजमर्रा के कामों के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी अशोक शुक्ला ने बताया कि यूपी सीमा पर केन नदी पर बन रहा नेहरा-नहरी पुल लगभग 95 प्रतिशत बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद इसका संचालन शुरू नहीं किया गया है। इसके चलते क्षेत्र के हजारों किसानों और ग्रामीणों को नदी पार करने के लिए 20 से 25 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाने की मजबूरी उठानी पड़ रही है।
⚠️ लहचूरा और सुजारा बांध के खोले गए गेट, निचले इलाकों में प्रशासन द्वारा हाई अलर्ट जारी
धसान नदी में लगातार बढ़ रहे पानी के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी के आसपास बसे सभी गांवों में सुरक्षा की दृष्टि से हाई अलर्ट जारी कर दिया है। लहचूरा डैम के 17 में से 9 गेट खोलकर करीब 89,100 क्यूसेक पानी धसान नदी में छोड़ा गया है। डैम के सहायक इंजीनियर रामआसरे यादव ने जानकारी दी कि कैचमेंट एरिया में भारी बारिश के कारण बांध पूरी क्षमता तक भर चुका है। वहीं, छतरपुर और टीकमगढ़ की सीमा पर स्थित सुजारा बांध का जलस्तर भी निर्धारित सीमा से ऊपर पहुँचने के बाद उसके 8 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे धसान नदी का जलस्तर अचानक 7 से 8 फीट तक बढ़ गया है। सुजारा परियोजना के एसडीओ रामसेवक शेजवार ने चेतावनी दी है कि यदि ऊपरी इलाकों में बारिश का दौर थमा नहीं, तो जरूरत के अनुसार बांध के अन्य गेट भी खोले जा सकते हैं।
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