जेल के अंदर हथियार पहुँचने पर उठे गंभीर सवाल, हत्या के कैदी ने ड्यूटी पर तैनात गार्ड को किया लहूलुहान
रायसेन जिला जेल में हत्या के एक विचाराधीन कैदी ने देसी कट्टे से जेल प्रहरी पर गोली चला दी है। गंभीर रूप से घायल प्रहरी को भोपाल एम्स रेफर किया गया है।
मध्य प्रदेश की रायसेन जिला जेल के भीतर बुधवार सुबह एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। जेल में हत्या के मामले में बंद एक विचाराधीन कैदी ने अचानक ड्यूटी पर तैनात जेल प्रहरी पर अवैध देसी कट्टे से गोली चला दी। इस गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हुए प्रहरी को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें तत्काल भोपाल एम्स (AIIMS) रेफर कर दिया गया है। फिलहाल घायल प्रहरी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
🎁 राखी कार्यक्रम की आड़ में रची गई थी फरार होने की साजिश, फलों की टोकरी में छिपाकर लाया था हथियार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना रायसेन कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पठारी स्थित जिला जेल की है। बुधवार सुबह करीब 9 बजे जेल परिसर में स्कूली बच्चों के लिए रक्षाबंधन (राखी) से जुड़ा एक कार्यक्रम आयोजित किया जाना था। बरेली के दिमाड़ा गांव का रहने वाला कैदी नीलेश ठाकुर, जो धारा 302 (हत्या) और हत्या के प्रयास जैसे संगीन मामलों में जेल में बंद है, इसी कार्यक्रम के बहाने फलों की टोकरी लेकर मुख्य गेट तक पहुँचा था। सूत्रों के मुताबिक, उसका मुख्य मकसद जेल का गेट खुलवाकर वहाँ से फरार होना था और इसी नीयत से उसने पीछे से गेट पर तैनात प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर पर कट्टे से फायर कर दिया। गोली प्रहरी की कमर के निचले हिस्से में जा धँसी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
⚠️ सुरक्षा व्यवस्था और चेकिंग पर खड़े हुए गंभीर सवाल, अंदरूनी साठगांठ की हो रही है जांच
इस दुस्साहसिक वारदात के सामने आने के बाद जेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह उठ रहा है कि कड़े सुरक्षा घेरे, सख्त तलाशी और लगातार चेकिंग के बावजूद आखिर जेल के भीतर अवैध देसी कट्टा पहुँचा कैसे? क्या इसके पीछे जेल के भीतर किसी कर्मचारी की अंदरूनी साठगांठ है या फिर सुरक्षा तंत्र में कोई बहुत बड़ी चूक हुई है? फिलहाल पुलिस के आला अधिकारी और जेल प्रशासन इस पूरे मामले की सघन और उच्चस्तरीय जांच में जुट गए हैं ताकि यह पता चल सके कि प्रतिबंधित हथियार बैरकों तक कैसे और किसके माध्यम से पहुँचा।
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