इंस्टेंट टेस्टिंग किट से हुआ खुलासा, जबलपुर में पैक्ड मिल्क के सैंपल फेल होने पर लैब भेजे गए
जबलपुर में खाद्य विभाग ने इंस्टेंट किट से दूध की जांच की है। स्थानीय दूध शुद्ध मिलने पर एक प्रसिद्ध ब्रांड के पैकेटबंद दूध में सुक्रोज की मिलावट पाई गई है।
मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में अब केवल खुला दूध ही नहीं, बल्कि पैकेटबंद (पैक्ड) दूध भी उपभोक्ताओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं बचा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा दूध में हो रही मिलावट की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जबलपुर में जब सघन जांच शुरू की गई, तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। स्थानीय दुग्ध उत्पादकों और डेयरियों से लिया गया खुला दूध तो जांच में पूरी तरह सही और शुद्ध पाया गया, लेकिन बाजार में बिकने वाले एक जाने-माने और प्रतिष्ठित ब्रांड के पैकेटबंद दूध में कथित तौर पर मिलावट पकड़ी गई, जिसके बाद विभाग ने सैंपल जब्त कर विस्तृत जांच के लिए लैब भेज दिए हैं।
🔬 इंस्टेंट टेस्टिंग किट लेकर मैदान में उतरी टीम, पलभर में सामने आ जाता है यूरिया और वॉशिंग पाउडर का सच
आम तौर पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई लंबी प्रक्रिया वाली होती है, जिसमें सैंपल लेकर भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजे जाते हैं और महीनों बाद रिपोर्ट आती है, तब तक उपभोक्ता मिलावटी उत्पाद का सेवन कर चुके होते हैं। इसी देरी से बचने के लिए इस बार खाद्य विभाग की टीमें अत्याधुनिक इंस्टेंट टेस्टिंग किट के साथ मैदान में उतरीं। जबलपुर के खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित गुप्ता ने बताया कि इस विशेष किट में ऐसी स्ट्रिप्स होती हैं जिन्हें दूध में डुबोने पर यदि उसमें यूरिया, सुक्रोज, स्टार्च, वॉशिंग पाउडर या कोई अन्य हानिकारक केमिकल मिला हो, तो स्ट्रिप का रंग तुरंत बदल जाता है। किट पर दिए गए स्केल के जरिए मिलावट के स्तर को भी आसानी से परखा जा सकता है।
🧪 कटंगी रोड की डेयरी पर हुई जांच: खुला दूध शुद्ध, पैक्ड दूध में मिली सुक्रोज की मिलावट
खाद्य विभाग की टीम ने जबलपुर के कटंगी रोड स्थित दो अलग-अलग डेयरियों पर पहुंचकर ऑन-द-स्पॉट टेस्टिंग की। सबसे पहले परियट से आए स्थानीय खुले दूध की जांच की गई, जो बिल्कुल शुद्ध मिला। इसके बाद जब एक लोकप्रिय कंपनी के ताजा मिल्क के पैकेट को खोलकर उसकी जांच की गई, तो स्ट्रिप्स का रंग बदल गया। अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती टेस्ट में दूध के भीतर सुक्रोज की मिलावट की पुष्टि हुई है। हालांकि सुक्रोज सीधे तौर पर इंसानी शरीर के लिए बहुत घातक नहीं है, लेकिन किसी भी प्रकार की अनधिकृत मिलावट कानूनी रूप से स्वीकार्य नहीं है। बढ़ती मांग और कम उत्पादन के चलते सिंथेटिक मिल्क के बढ़ते कारोबार को देखते हुए विभाग ने आम नागरिकों से भी दूध के इस्तेमाल में पूरी सतर्कता बरतने की अपील की है।
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