एक्सीलेंस स्कूल के पूर्व प्राचार्य की अनूठी पहल, पहली से बारहवीं कक्षा तक के बच्चों को पढ़ा रहे हैं मुफ्त

शिवपुरी के 80 वर्षीय शिक्षक मधुसूदन चौबे पिछले 38 वर्षों से आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दे रहे हैं। अभावों से निकले शिक्षक की यह कहानी प्रेरणादायक है।

Sep 07, 2026 - 18:16
0
एक्सीलेंस स्कूल के पूर्व प्राचार्य की अनूठी पहल, पहली से बारहवीं कक्षा तक के बच्चों को पढ़ा रहे हैं मुफ्त

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक ऐसे आदर्श शिक्षक हैं, जिनके लिए अध्यापन महज एक नौकरी नहीं बल्कि उनके जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य बन चुका है। एक्सीलेंस स्कूल के पूर्व प्राचार्य और भौतिक विज्ञान के वरिष्ठ शिक्षक मधुसूदन चौबे पिछले 38 वर्षों से लगातार आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। आज 80 वर्ष की उम्र पार कर चुके होने के बावजूद उनका जज्बा कम नहीं हुआ है और वे रोज विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उन्हें पढ़ाते हैं, क्योंकि उनका दृढ़ विश्वास है कि शिक्षा से बड़ा कोई सामाजिक दान नहीं हो सकता।

📚 बचपन के संघर्षों से मिला संकल्प, 'मधुसूदन चौबे सेवा संस्कार संस्था' के जरिए संवर रहा हजारों बच्चों का भविष्य

अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए शिक्षक मधुसूदन चौबे बताते हैं कि उनका बचपन काफी अभावों में बीता था। सात भाई-बहनों के परिवार में सीमित आय के कारण ट्यूशन पढ़ना संभव नहीं था और कठिन विषयों को समझाने वाला भी कोई नहीं होता था, तभी उन्होंने संकल्प लिया था कि वे भविष्य में किसी बच्चे को पैसों की तंगी के कारण पढ़ाई नहीं छोड़ने देंगे। वर्ष 1988 में शुरू हुआ यह कारवां आज 'मधुसूदन चौबे सेवा संस्कार संस्था' के रूप में एक विशाल रूप ले चुका है, जहां कक्षा 1 से 12वीं तक की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए लाइब्रेरी की सुविधा पूरी तरह मुफ्त दी जाती है। उनके मार्गदर्शन में पढ़कर आज सैंकड़ों युवा देश और प्रदेश में विभिन्न उच्च पदों पर सेवा दे रहे हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User