MP Transfer Industry: उद्यानिकी विभाग में तबादलों पर सियासत; सपा प्रवक्ता ने लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, व्हाट्सएप चैट वायरल
मध्य प्रदेश के उद्यानिकी विभाग में तबादला नीति पर सपा का बड़ा हमला। भ्रष्टाचार, घूसखोरी और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप। मंत्री ने दिए जांच के निर्देश।
भोपाल। मध्य प्रदेश में तबादला नीति 2026 को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता यश भारतीय ने एक प्रेस वार्ता के दौरान उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग में व्यापक भ्रष्टाचार और कथित 'तबादला उद्योग' चलने का आरोप लगाया है। सपा का दावा है कि तबादला नीति के नाम पर केवल चहेते अधिकारियों को पदस्थ किया जा रहा है और पारदर्शी प्रक्रिया को दरकिनार कर मलाईदार पदों पर मोटी घूसखोरी की जा रही है।
👤 दागी अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
यश भारतीय ने धार जिले के प्रभारी उप संचालक नीरज सांवरिया का हवाला देते हुए कहा कि लोकायुक्त इंदौर में भ्रष्टाचार की जांच लंबित होने के बावजूद उन्हें पद से नहीं हटाया गया। इसी प्रकार, इंदौर के ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी सौरभ व्यास के विरुद्ध नियमों के विरुद्ध गोपनीय चरित्रावली (ACR) में छेड़छाड़ और कारण बताओ नोटिस जारी होने के बावजूद उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। सपा ने इन मामलों को सीधे तौर पर शीर्ष अधिकारियों की मिलीभगत बताया है।
💬 5 लाख में तबादला? व्हाट्सएप चैट बनी सबूत
भ्रष्टाचार के आरोपों को पुख्ता करते हुए सपा प्रवक्ता ने धार के प्रभारी अधिकारी भूपेंद्र सगोरे का एक व्हाट्सएप चैट सार्वजनिक किया। कथित चैट में सगोरे अपने मित्र से तबादले के लिए 5 लाख रुपये खर्च होने की बात स्वीकार करते दिख रहे हैं। यश भारतीय का आरोप है कि यह चैट विभाग में चल रहे बड़े लेन-देन और तबादलों में हो रही खुली खरीद-फरोख्त का सबसे बड़ा प्रमाण है।
📑 नियमों के विपरीत ओएसडी की नियुक्ति
सपा ने उद्यानिकी विभाग में ओएसडी डॉ. पूजा सिंह की नियुक्ति को भी नियमों का उल्लंघन करार दिया है। यश भारतीय के अनुसार, कृषि विभाग द्वारा कार्यमुक्त किए जाने के बाद, विभाग के सचिव ने नियमों को ताक पर रखकर उन्हें पुनः ओएसडी पद पर कार्य करने के आदेश दिए, जबकि एक विभाग के सचिव को दूसरे विभाग में प्रतिनियुक्ति का अधिकार नहीं है।
🗣️ जांच के घेरे में विभाग, मंत्री ने दिया आश्वासन
इन गंभीर आरोपों पर मध्य प्रदेश के उद्यानिकी प्रभारी मंत्री चेतन कश्यप ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "तबादला सूची मेरे हस्ताक्षर के बिना जारी की गई है। मुझे मामले की जानकारी मिली है, मैं इसकी गहन जांच कराऊंगा, जिसके बाद ही कोई आधिकारिक जवाब दिया जाएगा।" अब देखना यह है कि क्या सरकार इस कथित तबादला उद्योग के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाती है या यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी बनकर रह जाता है।
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