NEET Re-Exam 2026: विदिशा में 2 मिनट की देरी से टूटा छात्रा का सपना; केंद्र पर एंट्री न मिलने से पिता गश खाकर गिरे

विदिशा में नीट री-एग्जाम के दौरान देरी से पहुँचने पर छात्राओं को नहीं मिली एंट्री। एक छात्रा के पिता केंद्र के बाहर ही गश खाकर गिरे। जानें पूरी घटना।

Jun 22, 2026 - 19:13
0
NEET Re-Exam 2026: विदिशा में 2 मिनट की देरी से टूटा छात्रा का सपना; केंद्र पर एंट्री न मिलने से पिता गश खाकर गिरे

विदिशा। रविवार को आयोजित नीट री-एग्जाम 2026 में देश के कई केंद्रों से दुखद खबरें सामने आईं। विदिशा में भी एक ऐसा ही हृदयविदारक वाकया हुआ, जहाँ परीक्षा केंद्र पर मात्र 2 मिनट की देरी से पहुँची छात्राओं को प्रवेश नहीं दिया गया। प्रवेश न मिलने के सदमे और हताशा के कारण एक छात्रा के पिता केंद्र के बाहर ही गश खाकर गिर गए। ये छात्र-छात्राएं परीक्षा देने के लिए 70 किलोमीटर दूर स्थित ग्रामीण इलाकों से आए थे।

⏳ डॉक्टर बनने का सपना और 2 मिनट की देरी

विदिशा गर्ल्स कॉलेज केंद्र पर दो छात्राएं—स्नेहा दुबे और रागिनी विश्वकर्मा—निर्धारित समय से महज 2 मिनट देरी से पहुँचीं। रागिनी के पिता अशोक सिंह विश्वकर्मा ने बताया कि वे कुरवाई तहसील के कूलन गांव से मोटरसाइकिल पर बिटिया को लेकर आए थे। उन्होंने परीक्षा केंद्र के गेट पर घंटों मिन्नतें कीं, लेकिन प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। पिछली परीक्षा लीक होने के बाद दोबारा परीक्षा देने आई छात्राएं और उनके परिजन मौके पर ही बिलखते नजर आए।

🔍 बायोमेट्रिक की तकनीकी बाधा और मायूसी

नियमों के अनुसार सुबह 11 बजे से 1:30 बजे तक ही प्रवेश की अनुमति थी। मामला तूल पकड़ने पर नोडल अधिकारी और केंद्रीय विद्यालय की प्राचार्य गीता भदोरिया मौके पर पहुँचीं और छात्राओं को अंदर ले गईं। हालांकि, बायोमेट्रिक सत्यापन (Biometric Verification) सफल न हो पाने के कारण उन्हें अंततः बाहर आना पड़ा। वहीं, अक्षत श्रीवास्तव नामक एक अन्य अभ्यर्थी इसलिए परीक्षा नहीं दे पाई, क्योंकि वह पिछली परीक्षा का पुराना प्रवेश पत्र लेकर पहुँच गई थी।

⚖️ परीक्षा नियमों की सख्ती पर उठे सवाल

नीट परीक्षा के दौरान इस तरह की सख्ती ने छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। यह पहली बार नहीं है जब कुछ मिनटों की देरी ने किसी छात्र का भविष्य अधर में डाल दिया हो। विदिशा की इस घटना ने न केवल प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल उठाए हैं, बल्कि परीक्षा केंद्रों पर मौजूद लचीलेपन (Flexibility) की कमी को भी उजागर किया है। फिलहाल, संबंधित केंद्रों पर छात्रों और उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User