बिहार के रहने वाले हैं सभी आरोपी, मूल अभ्यर्थी की जगह दौड़ रहे थे फर्जी युवक
रतलाम में रेलवे ग्रुप-डी भर्ती की फिजिकल परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक जांच में दो फर्जी अभ्यर्थी पकड़े गए हैं। जीआरपी पुलिस ने अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मध्य प्रदेश के रतलाम में रेलवे ग्रुप-डी भर्ती की शारीरिक दक्षता (फिजिकल) परीक्षा के दौरान एक बार फिर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जीआरपी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परीक्षा में मूल अभ्यर्थियों की जगह दौड़ने पहुंचे दो फर्जी अभ्यर्थियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। इससे ठीक तीन दिन पहले यानी 6 सितंबर को भी फिजिकल टेस्ट के दौरान एक फर्जी अभ्यर्थी पकड़ा गया था। इस प्रकार अब तक इस मामले में तीन 'मुन्नाभाई' सहित कुल पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिससे रेलवे भर्ती परीक्षाओं में सक्रिय किसी बड़े सॉल्वर गैंग के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
🔍 बायोमेट्रिक मिलान न होने पर हुआ खुलासा, जीआरपी थाना प्रभारी सोहन पाटीदार ने दी जानकारी
जीआरपी थाना प्रभारी सोहन पाटीदार ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि रेलवे ग्रुप-डी भर्ती के फिजिकल टेस्ट के दौरान बुधवार को अनुज दिवाकर नामक युवक मुख्य अभ्यर्थी गौरव दिगंबर की जगह दौड़ने पहुंचा था, जबकि एक अन्य आरोपी पंकज, मनीष कुमार नाम के अभ्यर्थी की जगह मैदान में उतरा था। चेकिंग के दौरान जब इनका बायोमेट्रिक डेटा मैच नहीं हुआ, तो गड़बड़ी का यह पूरा खेल उजागर हो गया। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि अब तक पकड़े गए सभी आरोपी मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और गिरोह की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं।
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