अखाड़े में तलवारबाजी का प्रदर्शन करने के कुछ घंटे बाद पहलवान की मौत, साइलेंट अटैक से मचा हड़कंप
रतलाम के पंचेड़ गांव में अखाड़े के पहलवान समरथ जाट का हार्ट अटैक से निधन। धार्मिक जुलूस में तलवारबाजी के बाद बिगड़ी तबीयत, क्षेत्र में शोक की लहर।
रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले अंतर्गत पंचेड़ गांव में एक बेहद दुखद और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक अखाड़े के स्वस्थ एवं तंदुरुस्त पहलवान की अचानक दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से मौत हो गई।
धार्मिक चल समारोह के दौरान अपने शानदार अखाड़ा प्रदर्शन, तलवारबाजी और लाठी चलाने की कला से लोगों को आश्चर्यचकित करने वाले 50 वर्षीय पहलवान समरथ जाट की देर रात अचानक तबीयत बिगड़ी और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। समरथ जाट पूरी तरह स्वस्थ थे और लंबे समय से स्थानीय अखाड़े से जुड़े हुए थे।
⚔️ बाबा रामदेव जी के जन्मोत्सव पर जुलूस में लिया था हिस्सा: आखिरी वीडियो बना अखाड़े का करतब
रविवार को पंचेड़ गांव में बाबा रामदेव जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में भव्य झूले और झांकियों का जुलूस निकाला जा रहा था, जिसमें अखाड़ा दल भी शामिल था।
इस दौरान समरथ पहलवान ने पूरे उत्साह और जोश के साथ अखाड़ा प्रदर्शन में भाग लिया। उन्होंने मंच और जुलूस के सामने जमकर तलवारबाजी और लाठी चलाने का शानदार प्रदर्शन किया, जिसका वीडियो भी ग्रामीणों द्वारा बनाया गया और सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। हालांकि, किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए बनाया गया यह वीडियो उनके जीवन का अंतिम वीडियो बन जाएगा।
💔 देर रात 2 बजे उठा सीने में तेज दर्द: परिजनों और ग्रामीणों में छाया गहरा शोक
मृतक पहलवान के परिजन प्रकाश जाट ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि समरथ जाट को रात करीब 2:00 बजे अचानक सीने में बहुत तेज दर्द की शिकायत हुई।
परिजन उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने प्राण त्याग दिए और अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रकाश ने बताया कि समरथ बचपन से ही कुश्ती, पहलवानी और अखाड़ा कला में गहरी रुचि रखते थे। वे पेशे से किसान थे और उन्हें पहले से कोई गंभीर बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं थी। रात में उनका जोशीला प्रदर्शन देखकर कोई अंदाजा नहीं लगा सकता था कि ऐसा हादसा हो जाएगा।
🩺 बिना वार्म-अप के अचानक अत्यधिक परिश्रम खतरनाक: मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर ने दी चेतावनी
अखाड़ा प्रदर्शन के बाद हुई इस दुखद घटना पर रतलाम मेडिकल कॉलेज के डॉ. संजय दुबे ने चिकित्सकीय पहलू पर प्रकाश डाला।
डॉ. दुबे ने बताया कि "किसी भी सामान्य व्यक्ति के लिए बिना किसी वार्म-अप के अचानक अत्यधिक शारीरिक श्रम या हार्डवर्क करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। अचानक भारी एक्सरसाइज या मेहनत करने से शरीर की हार्ट रेट (हृदय गति) और ब्लड प्रेशर अचानक बहुत बढ़ जाता है, जिससे दिल का दौरा पड़ने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। किसी भी प्रकार का भारी काम करने, दौड़ लगाने या वजन उठाने से पहले शरीर को वार्म-अप जरूर करना चाहिए ताकि हृदय और मांसपेशियां उस तनाव को सहने के लिए तैयार हो सकें।" इस असमय दुखद घटना से पंचेड़ गांव और आसपास के समूचे क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।
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