Kunal Shah Becomes WhatsApp Global Head: क्रेड फाउंडर कुनाल शाह बने व्हाट्सऐप के नए ग्लोबल हेड, मेटा में भारतीय प्रतिभा का दबदबा

क्रेड (CRED) के फाउंडर कुनाल शाह बने व्हाट्सऐप के नए ग्लोबल हेड। मेटा ने क्रेड में 900 मिलियन डॉलर का निवेश किया। जानें कुनाल शाह का प्रेरणादायक सफर।

Jun 23, 2026 - 11:43
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Kunal Shah Becomes WhatsApp Global Head: क्रेड फाउंडर कुनाल शाह बने व्हाट्सऐप के नए ग्लोबल हेड, मेटा में भारतीय प्रतिभा का दबदबा

फिनटेक प्लेटफॉर्म क्रेड (CRED) के फाउंडर कुनाल शाह ने ग्लोबल टेक जगत में एक नया इतिहास रच दिया है। उन्हें दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप (WhatsApp) का ग्लोबल हेड नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति मेटा (Meta) द्वारा क्रेड में 900 मिलियन डॉलर के भारी-भरकम निवेश की घोषणा के बाद हुई है। कुनाल शाह अब बेंगलुरु से कैलिफोर्निया स्थित मेटा के हेडक्वार्टर (मेनलो पार्क) जाकर अपना कार्यभार संभालेंगे।

💼 मेटा की रणनीति और कुनाल शाह की भूमिका

कुनाल शाह अब विल कैथकार्ट की जगह लेंगे, जो 2019 से व्हाट्सऐप का नेतृत्व कर रहे थे। मेटा के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर क्रिस कॉक्स ने शाह को "भारत के सबसे सम्मानित उद्यमियों में से एक" बताया। मेटा का मानना है कि शाह के पास व्हाट्सऐप के ग्लोबल प्रोडक्ट के अवसरों की गहरी समझ है, जो भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित बदलावों को संभालने के लिए आवश्यक है। इस मेगा डील के तहत मेटा को क्रेड में 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी मिली है, जिससे क्रेड का वैल्यूएशन 4.5 बिलियन डॉलर के करीब पहुँच गया है।

🎓 फिलॉसफी के छात्र से ग्लोबल लीडर तक का सफर

कुनाल शाह का सफर किसी प्रेरणा से कम नहीं है। मुंबई के विल्सन कॉलेज से दर्शनशास्त्र (Philosophy) की पढ़ाई करने वाले शाह ने एमबीए बीच में ही छोड़ दिया था। 2010 में उन्होंने संदीप टंडन के साथ 'फ्रीचार्ज' (FreeCharge) की शुरुआत की, जिसे 2015 में स्नैपडील ने 400 मिलियन डॉलर में खरीदा। इसके बाद 2018 में उन्होंने 'क्रेड' लॉन्च किया, जिसने भारत में क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान और वित्तीय सेवाओं के तरीके को बदल दिया। 2026 तक क्रेड ने लाखों यूजर्स और मुनाफे वाला कारोबार दर्ज कर एक नई पहचान बनाई है।

🌍 सिलिकॉन वैली में बढ़ता भारतीय नेतृत्व

कुनाल शाह का व्हाट्सऐप के ग्लोबल हेड बनना सिलिकॉन वैली में भारतीय मूल के कार्यकारियों के बढ़ते वर्चस्व को एक और उदाहरण है। इससे पहले नील मोहन (यूट्यूब), सत्य नडेला (माइक्रोसॉफ्ट), सुंदर पिचाई (अल्फाबेट/गूगल), शांतनु नारायण (एडोब) और हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की सीईओ बनीं आशा शर्मा जैसे कई भारतीय नाम वैश्विक स्तर पर टेक कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं। कुनाल शाह का यह कदम साबित करता है कि रणनीतिक सोच और तकनीकी नवाचार के मामले में भारतीय प्रतिभा विश्व पटल पर सबसे आगे है।

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