भारतीय रियल एस्टेट बाजार में बड़ा बदलाव, किफायती घरों से आगे बढ़कर वैल्यू-एडेड प्रोजेक्ट्स तलाश रहे खरीदार
भारतीय रियल एस्टेट बाजार में घर खरीदारों की पसंद बदली। किफायती घरों की बजाय अब वैल्यू-एडेड और आधुनिक सुविधाओं वाले प्रोजेक्ट्स की मांग तेज।
भारत का रेजिडेंशियल रियल एस्टेट बाजार अब एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां घर खरीदार केवल किफायती (Affordable) घरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ऐसे प्रोजेक्ट्स की तलाश कर रहे हैं जो आधुनिक सुविधाओं और वैल्यू एडिशन फीचर्स से लैस हों. खास बात यह है कि इन बेहतरीन सुविधाओं के लिए खरीदार अपने सीमित बजट की सीमा को लांघने में भी संकोच नहीं कर रहे हैं. यही वजह है कि कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद रियल एस्टेट बाजार लगातार मजबूत बना हुआ है और लोग पारंपरिक घरों की जगह आधुनिक जीवनशैली को प्राथमिकता दे रहे हैं.
🏊 2. एक्स्ट्रा लिफ्ट, मल्टी स्पोर्ट्स स्पेस और क्लब हाउस जैसे फीचर्स बन रहे खरीदारों की पहली पसंद
घर खरीदने की क्षमता यानी एफोर्डेबिलिटी को अब केवल घर की कीमत के आधार पर नहीं आंका जा रहा है. खरीदार निवेश के वक्त ही प्रोजेक्ट्स में ट्रेडिशनल विकल्पों से हटकर अभिनव और आधुनिक सुविधाओं का आकलन कर रहे हैं. इनमें एक्स्ट्रा लिफ्ट, वर्गीकृत ग्रीन एरिया, इंडोर व आउटडोर मल्टी-स्पोर्ट्स स्पेस, कैफे, सलून, मीटिंग रूम और थियेटर जैसे फीचर्स शामिल हैं, ताकि उन्हें अपने निवेश का पूरा मूल्य (Value for Money) मिल सके. जानकारों का मानना है कि आज का खरीदार सिर्फ चार दीवारों और लोकेशन के बजाय कम्युनिटी इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर डिजाइन पर ज्यादा फोकस कर रहा है.
🏗️ 3. डेवलपर्स और एक्सपर्ट्स की राय: लॉन्ग-टेन्योर निवेश और भविष्य की जरूरतों पर टिकी है ग्राहकों की नजर
डिलिजेंट बिल्डर्स के सीओओ अश्वनी नागपाल के अनुसार, घर खरीदार अब जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय लॉन्ग-टर्म निवेश की रणनीति पर काम कर रहे हैं. वहीं, रेनॉक्स ग्रुप के चेयरमैन शैलेन्द्र शर्मा का कहना है कि कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद खरीदारों की खरीदने की क्षमता पर बहुत ज्यादा नकारात्मक असर नहीं पड़ा है, क्योंकि वे बेहतर फीचर्स के लिए थोड़ा अतिरिक्त खर्च करने को पूरी तरह तैयार हैं. इसके अलावा आरजी ग्रुप के निदेशक हिमांशु गर्ग और रियरको की एमडी गीतांजलि खन्ना का भी मानना है कि ग्राहक अब केवल कीमत नहीं, बल्कि बेहतर जीवनस्तर और भविष्य की संपत्ति मूल्यवृद्धि को देखकर फैसले ले रहे हैं.
📈 4. प्राथमिकता बदलने के पीछे स्थिर रोजगार, दोहरी आय और बदलता आर्थिक परिवेश अहम कारक
घर खरीदारों की प्राथमिकताओं में आए इस बड़े बदलाव के पीछे कई आर्थिक और सामाजिक कारक जिम्मेदार हैं. देश में आईटी व टेक्नोलॉजी कंपनियों, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), मैन्युफैक्चरिंग और नॉलेज-बेस्ड इंडस्ट्रीज के लगातार विस्तार से स्थिर रोजगार के अवसर बढ़े हैं. इसके अलावा दोहरी आय (Dual Income) वाले परिवारों की संख्या में इजाफा, होम लोन की अनुकूल शर्तें और बार-बार घर बदलने की झंझट से बचने की चाहत ने भी इस ट्रेंड को तेजी दी है. मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह सकारात्मक बदलाव प्रमोटर्स को कीमत और आधुनिक सुविधाओं का बेहतरीन तालमेल बिठाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है.
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)