सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम, क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और बॉन्ड यील्ड में तेजी बनी बड़ी वजह
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट से निवेशकों को 9 लाख करोड़ का नुकसान। क्रूड ऑयल, बॉन्ड यील्ड और वैश्विक तनाव बने मुख्य कारण।
पिछले साल तक देश की इकोनॉमी और तरक्की का प्रतिबिंब माना जाने वाला शेयर बाजार मौजूदा समय में बड़ी गिरावट का सामना कर रहा है. सेंसेक्स अपने लाइफटाइम हाई से 12 हजार से ज्यादा अंकों नीचे आ चुका है. आज के कारोबार की बात करें तो सेंसेक्स दिन के पीक से करीब 1300 अंकों तक नीचे फिसल गया, जबकि एक दिन पहले के मुकाबले भी 600 से ज्यादा अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई. इस एक ही ट्रेडिंग डे के दौरान शेयर बाजार के निवेशकों को 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा है.
⏰ 2. हर मिनट निवेशकों डूबे औसतन 2727 करोड़ रुपये, सेंसेक्स और निफ्टी में देखने को मिली जबरदस्त बिकवाली
आंकड़ों पर नजर डालें तो शेयर बाजार के निवेशकों को महज 330 मिनट के भीतर 9 लाख करोड़ रुपये का फटका लगा, जिसका मतलब है कि हर एक मिनट में निवेशकों के औसतन 2727 करोड़ रुपये डूब गए. सुबह के शुरुआती सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में दिखे थे, लेकिन 10 बजे के बाद बाजार में तेज बिकवाली हावी हो गई. दोपहर के वक्त सेंसेक्स 1200 से ज्यादा अंकों की कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया, वहीं निफ्टी में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई.
🛢️ 3. क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और बॉन्ड यील्ड में तेजी से सहमा बाजार, 108 डॉलर के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड
बाजार जानकारों के अनुसार, इस बड़ी गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारण जिम्मेदार हैं. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान के हमलों के बीच ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. इसके अलावा बेंचमार्क 10-साल के यूएस ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 2023 के बाद पहली बार 5 फीसदी के स्तर को पार कर गई है. फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंकाओं ने भी निवेशकों का सेंटिमेंट कमजोर किया है.
💸 4. एक तरफ बाजार में गिरावट तो दूसरी तरफ आईपीओ की बहार, इस हफ्ते खुल रहे हैं 11 बड़े इश्यू
दलाल स्ट्रीट पर भले ही मंदी का साया मंडरा रहा हो, लेकिन भारत के प्राइमरी मार्केट में निवेशकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है. यह हफ्ता देश के आईपीओ बाजार के लिए सबसे व्यस्त हफ़्तों में से एक है, जिसमें कुल 11 आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहे हैं और इनसे 24,574 करोड़ रुपये तक जुटाए जाने की उम्मीद है. जानकारों का मानना है कि प्राइमरी मार्केट में भारी ओवर-सब्सक्रिप्शन और आकर्षक लिस्टिंग गेन्स के चलते भी कई बार सेकेंडरी मार्केट से पैसा खिंचता है, जिससे बाजार की चाल प्रभावित होती है.
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