चीन को हराकर रचा इतिहास! भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम की स्टार कृष्णा शर्मा का ग्वालियर में ग्रैंड वेलकम
चीन में आयोजित जूनियर एशिया कप 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर भारतीय महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी कृष्णा शर्मा ग्वालियर पहुंचीं, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया।
ग्वालियर। भारतीय महिला हॉकी जूनियर टीम ने हाल ही में चीन में आयोजित विमेंस जूनियर एशिया कप 2026 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में मेजबान चीन को शिकस्त देकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने एशिया कप में जीत की हैट्रिक लगाने के साथ ही 'विमेंस जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप' के लिए भी सीधे क्वालीफाई कर लिया है। इस ऐतिहासिक जीत की सूत्रधार और टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा रहीं चंबल की बेटी कृष्णा शर्मा बुधवार को जब अपने गृह नगर ग्वालियर पहुंचीं, तो रेलवे स्टेशन पर प्रशंसकों और परिजनों ने उनका अभूतपूर्व और भव्य स्वागत किया।
🏆 डेब्यू टूर्नामेंट में ही रचा इतिहास: एशिया कप में जीत की हैट्रिक और वर्ल्ड कप का टिकट
महज दो महीने पहले ग्वालियर की होनहार खिलाड़ी कृष्णा शर्मा ने भारतीय महिला हॉकी जूनियर टीम में जगह बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।
उन्हें अपने पहले ही अंतर्राष्ट्रीय महामुकाबले यानी कॉन्टिनेंटल चैंपियनशिप विमेंस जूनियर एशिया कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला। कृष्णा ने मैदान पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए भारत को गोल्ड मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई। एक साथ दो बड़ी उपलब्धियां—एशिया कप गोल्ड और वर्ल्ड कप का टिकट हासिल कर जब वे ग्वालियर उतरीं, तो पूरा स्टेशन भारत माता की जय और कृष्णा शर्मा के नारों से गूंज उठा।
🥁 रेलवे स्टेशन पर ढोल-नगाड़ों के साथ निकली विजय रैली: खेल प्रेमियों में दिखा भारी उत्साह
जब कृष्णा शर्मा ट्रेन से ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर उतरीं, तो उनके स्वागत के लिए सैकड़ों की संख्या में खेल प्रेमी, खेल अधिकारी और उनके परिजन मौजूद थे।
लोगों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते हुए और फूलों की मालाएं पहनाकर अपनी लाडली बेटी का अभिनंदन किया। इसके बाद एक भव्य स्वागत रैली के रूप में उन्हें उनके घर तक ले जाया गया। ग्वालियर स्थित 'मध्य प्रदेश महिला हॉकी अकादमी' से अपनी ट्रेनिंग शुरू कर अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का उनका यह सफर संघर्ष और समर्पण की मिसाल है।
🗣️ "जो ग्वालियर में सपना देखा था, उसे हासिल कर रही हूं": कृष्णा शर्मा ने शेयर किए जीत के अनुभव
अपनी सफलता और एशिया कप के अनुभवों को साझा करते हुए कृष्णा शर्मा ने बेहद खुशी जताई।
उन्होंने कहा, "मुझे बेहद गर्व और खुशी महसूस हो रही है। मैंने यहीं ग्वालियर के मैदानों से हॉकी की शुरुआत की थी और जो सपना देखा था, उसे आज पूरा कर रही हूं। ग्वालियर से निकलकर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना और देश के लिए खेलना आसान नहीं था, लेकिन यह सफर मेरे लिए बेहद खूबसूरत और यादगार रहा है।"
🎯 10 साल का कड़ा संघर्ष लाया रंग: अब जूनियर वर्ल्ड कप में देश को गोल्ड दिलाना अगला लक्ष्य
अपनी आगामी रणनीतियों पर बात करते हुए कृष्णा ने बताया कि वे बीते 9 से 10 वर्षों से लगातार हॉकी के मैदान में पसीना बहा रही हैं।
उन्होंने कहा, "इतने सालों के कड़े संघर्ष के बाद अब जाकर थोड़ी संतुष्टि मिली है। टीम में नई होने के बावजूद सभी सीनियर खिलाड़ियों और कोच ने मुझे पूरा सहयोग दिया और कभी नए खिलाड़ी होने का अहसास नहीं होने दिया। अब मेरा पूरा ध्यान जूनियर वर्ल्ड कप पर केंद्रित है और मैं और भी अधिक मेहनत करूंगी ताकि वर्ल्ड कप टीम में चयन होकर देश को विश्व चैंपियन बना सकूं।"
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