भोपाल में महिला बाइकर का पीछा कर की बदतमीजी; पुलिस के एक्शन के बाद लिखित माफीनामे पर सुलझा मामला
भोपाल के निशातपुरा इलाके में महिला बाइक राइडर के साथ कार सवार युवकों द्वारा बदतमीजी और रास्ता रोकने का मामला सामने आया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपियों ने लिखित में माफी मांगी।
भोपाल। गुरुग्राम के बाद अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में महिला बाइक राइडर की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित महिला राइडर का आरोप है कि दो कार सवार युवकों ने पहले उन पर आपत्तिजनक टिप्पणियां (कमेंट) कीं और इसके बाद रास्ता रोककर गाली-गलौज की। घटना के बाद पीड़िता ने थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, आरोपियों द्वारा थाने में लिखित में गलती स्वीकार करने और माफी मांगने पर महिला राइडर ने उन्हें माफ कर दिया, जिसके चलते पुलिस ने मामला आपसी सहमति से समाप्त कर दिया।
🚗 निशातपुरा इलाके में घटी घटना: ओवरटेक कर कार चालक ने दी चुनौती, पीड़िता ने ऑन किया कैमरा
पूरा मामला भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र का है। पीड़ित महिला राइडर ने बताया कि वह अपनी बाइक से जा रही थीं, तभी दो कार सवार युवकों ने उन पर छींटाकशी शुरू कर दी।
शुरुआत में उन्होंने इसे नजरअंदाज करने की कोशिश की, लेकिन डिवाइडर के पास कार चालकों ने अचानक अपनी गाड़ी रोककर उनका रास्ता ब्लॉक कर दिया। आरोपी ने उनसे कहा कि "अब गाड़ी निकालकर दिखाओ" और बिना वजह गाली-गलौज करने लगा। किसी तरह बाईं तरफ से बाइक निकालकर आगे बढ़ने के बाद पीड़िता ने तुरंत अपना मोबाइल कैमरा ऑन कर लिया। इसके बावजूद आरोपी कुछ दूर तक उनका पीछा करते रहे और पुलिस स्टेशन से करीब 1 किलोमीटर पहले यू-टर्न लेकर भाग गए।
🔍 कार नंबर से हुई आरोपी की पहचान: थाने में आरोपी बोला- "पता नहीं था कि लड़की गाड़ी चला रही है"
घटना के समय घबरा जाने के कारण पीड़िता उसी दिन थाने नहीं जा सकीं। अगले दिन उन्होंने निशातपुरा थाने पहुंचकर लिखित आवेदन दिया, जिसमें कार का नंबर भी दर्ज था।
कार नंबर के आधार पर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और वाहन चालक को थाने तलब किया। अगले दिन आरोपी थाने पहुंचा और सफाई दी कि उसे नहीं मालूम था कि बाइक कोई लड़की चला रही है। इसके बाद आरोपी ने थाने में सबके सामने पीड़िता से अपनी गलती के लिए माफी मांगी।
📜 लिखित माफीनामे के बाद सुलझा मामला: पिता के दूर रहने और कानूनी प्रक्रिया के कारण नहीं कराई FIR
लड़की ने एफआईआर दर्ज न कराने की वजह बताते हुए कहा कि वह भोपाल में अकेली रहती हैं और उनके पिता उत्तर प्रदेश में हैं। कोर्ट-कचहरी के बार-बार चक्कर काटने से बचने और परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने लिखित आवेदन के जरिए ही कार्रवाई चुनी।
पुलिस ने आरोपी को कड़ी चेतावनी दी और डांट लगाई। इसके बाद आरोपी ने आगे कभी ऐसी हरकत न करने का लिखित में माफीनामा सौंपा।
👮 पुलिस कमिश्नर का बयान: आपसी सहमति और राजीनामे के बाद पेश की गई एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR)
अपर पुलिस आयुक्त (Additional Police Commissioner) शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि महिला बाइक राइडर द्वारा थाने में एक शिकायत आवेदन दिया गया था, जिसमें कार से रास्ता रोकने और अभद्रता करने की बात कही गई थी।
शिकायत में दिए गए कार नंबर के आधार पर वाहन चालकों की पहचान कर दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया था। थाने में बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से राजीनामा हो गया। इसके आधार पर पुलिस द्वारा एटीआर (Action Taken Report) पेश कर मामले की फाइल को समाप्त कर दिया गया।
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