बुढ़ार में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई; एक्सपायरी दवाएं और फर्जीवाड़ा मिलने पर 2 क्लीनिक सील

शहडोल के बुढ़ार में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 2 क्लीनिक सील किए। जांच में एक्सपायरी दवाएं, अवैध भर्ती और बीपीटी डिग्री पर एलोपैथिक इलाज करने का मामला सामने आया।

Sep 20, 2026 - 12:56
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बुढ़ार में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई; एक्सपायरी दवाएं और फर्जीवाड़ा मिलने पर 2 क्लीनिक सील

शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के बुढ़ार क्षेत्र में मरीजों के इलाज में गंभीर गड़बड़ियां और नियम विरुद्ध संचालन पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को त्वरित कार्रवाई की है। प्रशासनिक टीम ने दो अलग-अलग क्लीनिकों में छापामार कार्रवाई करते हुए दोनों को मौके पर ही सील कर दिया। इसके साथ ही दोनों स्थानों से बड़ी मात्रा में संदिग्ध व प्रतिबंधित दवाइयां भी जब्त की गई हैं।

💊 रिटायर्ड डॉक्टर के क्लीनिक से मिलीं एक्सपायरी दवाएं: केवल कंसल्टेंसी की थी अनुमति

स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय संयुक्त टीम ने सबसे पहले हीरा कॉलोनी स्थित डॉ. के.एन. गुप्ता के क्लीनिक का औचक निरीक्षण किया। डॉ. गुप्ता पूर्व रिटायर्ड सरकारी चिकित्सक हैं।

जांच के दौरान विभाग को पता चला कि डॉ. गुप्ता के पास केवल कंसल्टेंसी (परामर्श) प्रदान करने का वैध पंजीयन था, लेकिन क्लीनिक में मरीजों को सीधे दवाएं देकर इलाज किया जा रहा था। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि क्लीनिक से भारी मात्रा में एक्सपायरी (समयावधि पार) दवाएं बरामद हुईं, जिन्हें टीम ने तुरंत जब्त कर क्लीनिक को सील कर दिया।

🩺 बीपीटी डिग्री धारक फिजियोथेरेपिस्ट कर रहा था एलोपैथिक इलाज: मरीज भर्ती कर लगाई जा रही थी ड्रिप

इसके बाद प्रशासनिक टीम ने खैराहा रोड स्थित सरईकापा के 'अभयराज हॉस्पिटल' में दबिश दी। वहां कई मरीज वार्ड में भर्ती मिले, जिनमें से कुछ को ग्लूकोज की ड्रिप लगी हुई थी।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, क्लीनिक संचालक डॉ. अभयराज वास्तव में किसी अन्य डॉक्टर के नाम और पंजीयन का सहारा लेकर मरीजों का इलाज कर रहे थे। जांच में खुलासा हुआ कि डॉ. अभयराज के पास केवल बीपीटी (बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी) का पंजीयन उपलब्ध है। इसके बावजूद वे नियम विरुद्ध तरीके से मरीजों को भर्ती कर एलोपैथिक दवाइयां और इलाज दे रहे थे।

⚖️ संयुक्त टीम ने सील किए दोनों क्लीनिक: रिपोर्ट के आधार पर दर्ज होगी प्राथमिकी

टीम ने अभयराज हॉस्पिटल से भी संबंधित एलोपैथिक दवाइयों की सूची बनाकर उन्हें जब्त किया और परिसर को सील कर दिया।

यह पूरी कार्रवाई डीएचओ-1 (DHO-1) डॉ. आर.के. शुक्ला, डीआईओ (DIO) डॉ. अंशुमान सुनारे और बुढ़ार बीएमओ (BMO) डॉ. सचिन कारखुर की तीन सदस्यीय संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जब्त दस्तावेजों और जांच में मिली गंभीर प्रशासनिक गड़बड़ियों के आधार पर संबंधितों के विरुद्ध वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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