विदिशा से केंद्रीय मंत्री शिवराज का बड़ा ऐलान; 15 हजार युवाओं को स्वरोजगार और बैंक लोन की मदद

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा से 'जिला समृद्धि मॉडल' परियोजना का शुभारंभ किया। इस योजना से गांवों को गरीबी मुक्त बनाने और 15 हजार युवाओं को स्वरोजगार देने का लक्ष्य है।

Sep 21, 2026 - 16:33
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विदिशा से केंद्रीय मंत्री शिवराज का बड़ा ऐलान; 15 हजार युवाओं को स्वरोजगार और बैंक लोन की मदद

विदिशा। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गांवों को पूरी तरह गरीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम उठाया है। उन्होंने शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र विदिशा के रविन्द्रनाथ टैगोर सांस्कृतिक ऑडिटोरियम में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में 'जिला समृद्धि मॉडल' परियोजना का शुभारंभ किया। इस दूरगामी योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की आमदनी के स्रोतों में अभूतपूर्व वृद्धि कर गांवों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाया जाएगा।

💼 स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर: हर परिवार की बढ़ेगी आमदनी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "गांवों को गरीबी के चक्रव्यूह से मुक्त कराने के पवित्र उद्देश्य से जिला समृद्धि मॉडल परियोजना की नींव रखी जा रही है।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस परियोजना का मूल ध्येय गांवों में निवास करने वाले प्रत्येक परिवार की मासिक आय में ठोस बढ़ोतरी करना है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर ही युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के ढेरों नए अवसर सृजित किए जाएंगे, ताकि आजीविका के लिए शहरों की ओर पलायन को रोका जा सके।

🛠️ कैसे काम करेगी जिला समृद्धि मॉडल परियोजना: स्थानीय संसाधनों और बाजार का होगा बेहतर तालमेल

'जिला समृद्धि मॉडल' की मुख्य विशेषता यह है कि यह ग्रामीणों की कार्यकुशलता, स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों और बाजार की मांग के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगी।

इसके तहत प्रत्येक गांव की भौगोलिक परिस्थिति और वहां उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप पृथक विकास कार्ययोजना (Development Action Plan) तैयार की जाएगी। गांवों में परंपरागत कृषि के साथ-साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, उद्यानिकी (हॉर्टिकल्चर), खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग), कुटीर एवं लघु उद्योग, स्व-सहायता समूहों की गतिविधियां और ग्रामीण पर्यटन जैसे आयवर्धक क्षेत्रों को तेजी से बढ़ावा दिया जाएगा।

🏦 15 हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य: प्रशिक्षण के साथ मिलेगा बैंक लोन

इस महात्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं के साथ-साथ युवा वर्ग को आजीविका के नए साधनों से जोड़ने पर विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

अकेले विदिशा जिले में 15 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार व स्वरोजगार से जोड़कर उनका खुद का व्यवसाय शुरू कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। युवक-युवतियों को उनकी रुचि अनुसार ब्यूटीशियन, सिलाई, ड्राइविंग, मरम्मत जैसे रोजगारपरक व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जाएंगे। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद खुद का काम-धंधा शुरू करने के लिए प्रशासन की मदद से आसान शर्तों पर बैंक लोन उपलब्ध कराया जाएगा।

📊 तकनीकी मार्गदर्शन से लेकर बाजार तक सीधी पहुंच: कृषि और कुटीर उद्योगों पर रहेगा मुख्य जोर

परियोजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है; स्थानीय लोग स्वयं अपनी रुचि और क्षेत्र में व्याप्त संभावनाओं की पहचान करेंगे।

इसके पश्चात जिला प्रशासन और संबंधित विभाग उन्हें आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन, विशेषज्ञ प्रशिक्षण, बैंक ऋण तथा योजनाओं का लाभ दिलाने का कार्य करेंगे। इसके साथ ही ऐसे निर्धन परिवारों को चिन्हित किया जाएगा, जिन्हें गरीबी से बाहर निकालने के लिए अतिरिक्त आजीविका गतिविधियों की सख्त आवश्यकता है। योजना का मुख्य फोकस कृषि उत्पादन बढ़ाने, बागवानी, कृषि आधारित उद्योग और स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती प्रदान करने पर रहेगा।

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