मध्य प्रदेश न्यूज़: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से पूरे राज्य में लगे कचरे के ढेर, भोपाल से सिरोंज तक मचा हड़कंप
मध्य प्रदेश में सफाई कर्मियों की हड़ताल के बीच सिरोंज से बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने खुद झाड़ू लगाकर बाजार साफ किया। जानिए पूरी खबर।
मध्य प्रदेश के सिरोंज से एक बेहद प्रेरणादायक और चर्चा में रहने वाली खबर सामने आ रही है। दीपावली के ठीक पहले प्रदेशभर में सफाई कर्मियों की चल रही हड़ताल के कारण शहरों में जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं। ऐसे हालातों में सिरोंज से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक उमाकांत शर्मा अपने कुछ साथियों को साथ लेकर खुद बाजार की सफाई करने के लिए सड़क पर उतर आए। उन्होंने हाथ में झाड़ू थामकर सड़कों पर फैले कचरे को साफ किया, जिसके बाद स्थानीय नागरिकों और अन्य लोगों का कारवां भी उनके साथ जुड़ता चला गया।
🤝 विधायक के साथ जुड़ता गया शहरवासियों का कारवां; चांदनी चौक और कपड़ा बाजार में की सफाई
सफाई अभियान और जनता की सहभागिता:
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स्वतःस्फूर्त पहल: जब सिरोंज विधायक उमाकांत शर्मा झाड़ू लेकर बाजार की सफाई के लिए निकले, तो उनके समर्थन में स्थानीय शहरवासियों को भी अपने-अपने मोहल्लों और इलाकों की सफाई के लिए आगे आना पड़ा।
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प्रमुख स्थल: पांच दिवसीय दीपोत्सव के पावन पर्व के ठीक पहले विधायक ने खुद पहल करते हुए बस स्टैंड, सर्राफा बाजार, कपड़ा बाजार और चांदनी चौक जैसे व्यस्त इलाकों में खुद झाड़ू लगाई।
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विधायक का संदेश: इस दौरान विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा, "स्वच्छता मित्रों की हड़ताल के कारण शहर में लगातार हो रही गंदगी को देखते हुए मैंने साथियों के साथ इन स्थानों पर सफाई की है। स्वच्छता केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी का सामूहिक कर्तव्य है।"
🗑️ मध्य प्रदेश में सफाई कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल; भोपाल से लेकर हर जिले में लगा कचरे का अंबार
हड़ताल का व्यापक असर:
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18 सूत्रीय मांगें: नियमित किए जाने और वेतन बढ़ाने की विभिन्न मांगों पर अड़े सफाई कर्मियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल के चलते राजधानी भोपाल सहित पूरे मध्य प्रदेश के हर जिले में कचरे के पहाड़ खड़े हो गए हैं।
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कचरे की भारी मात्रा: अकेले राजधानी भोपाल में सामान्य दिनों में लगभग 850 टन कचरा निकलता है, जो त्योहार के सीजन में बढ़कर एक हजार टन तक पहुँच जाता है। वहीं, हड़ताल के कारण केवल भोपाल में ही 2500 टन कचरा जमा हो चुका है।
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पूरे प्रदेश का हाल: सामान्य दिनों में पूरे प्रदेश के नगरीय निकायों और शहरों से लगभग 6750 टन कचरा निकलता है, लेकिन त्योहार के बीच सफाई कार्य ठप होने से स्थिति गंभीर हो गई है। प्रदेशभर में सफाई की गाड़ियां खड़ी हैं और करीब ढाई लाख दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं, जिनकी कुल 18 सूत्रीय मांगें हैं।
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