Kanha Tiger Reserve News: कान्हा में बाघों की मौत पर हाईकोर्ट सख्त; केंद्र और राज्य सरकार को दिए रोकथाम के निर्देश

कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की मौत के बढ़ते मामलों पर हाईकोर्ट गंभीर। सीडीवी (CDV) वायरस की रोकथाम के लिए केंद्र-राज्य सरकार को निर्देश। 9 जुलाई को अगली सुनवाई।

Jun 24, 2026 - 10:40
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Kanha Tiger Reserve News: कान्हा में बाघों की मौत पर हाईकोर्ट सख्त; केंद्र और राज्य सरकार को दिए रोकथाम के निर्देश

जबलपुर। कान्हा नेशनल पार्क (Kanha Tiger Reserve) में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के चलते लगातार हो रही बाघों की मौतों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बेहद गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट की युगलपीठ ने राज्य और केंद्र सरकार को वायरस की रोकथाम के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की बेंच ने सरकार को निवारक और उपचारात्मक उपायों पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

📉 एक माह में 8 बाघों ने तोड़ा दम

याचिकाकर्ता अधिवक्ता सुब्रत चक्रवर्ती ने अपनी याचिका में बताया कि कान्हा टाइगर रिजर्व में अप्रैल से मई 2026 के बीच 8 बाघों की असमय मृत्यु हुई है। इनमें बाघिन सुनैना, अमाही, उसके चार शावक और नर बाघ महावीर शामिल हैं। इन सभी मौतों का प्राथमिक कारण 'कैनाइन डिस्टेंपर वायरस' को माना जा रहा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रबंधन द्वारा वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 और एनटीसीए (NTCA) द्वारा निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है।

📋 एनटीसीए (NTCA) गाइडलाइंस का पालन अनिवार्य

याचिका में स्पष्ट किया गया है कि रॉयल बंगाल टाइगर की सुरक्षा के लिए वैधानिक ढांचे का पालन करना अनिवार्य है। इसमें निम्नलिखित बिंदुओं पर कड़ाई जरूरी है:

  • रोग निगरानी: वायरस के प्रसार को रोकने के लिए नियमित पशु चिकित्सा जांच।

  • मॉनिटरिंग: आवास प्रबंधन और जानवरों की गतिविधियों पर कड़ी नजर।

  • प्रोटोकॉल: एनटीसीए द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) का पूर्ण क्रियान्वयन।

⚖️ अगली सुनवाई 9 जुलाई को

याचिकाकर्ता ने इस बात पर चिंता जताई है कि बाघों की मौत के बावजूद जैव-सुरक्षा और निगरानी उपायों को लेकर कोई सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। हाईकोर्ट ने केंद्रीय पर्यावरण सचिव, एनटीसीए, मुख्य सचिव, और कान्हा टाइगर रिजर्व के निदेशक सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को अनावेदक बनाया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी, जिसमें सरकार को अपने द्वारा उठाए गए कदमों का विवरण प्रस्तुत करना होगा।

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