Indore News: बर्थडे पर पौधे का अनोखा गिफ्ट; 'वृक्ष मित्र' राजेश मकवाना ने 39 सालों में लगवाए 25,000 पौधे

इंदौर के राजेश मकवाना पिछले 39 सालों से जन्मदिन पर पौधे गिफ्ट कर रहे हैं। अब तक वे शहर में 25,000 से अधिक पौधे लगाकर 'वृक्ष मित्र' के रूप में प्रसिद्ध हो चुके हैं।

Jun 24, 2026 - 17:47
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Indore News: बर्थडे पर पौधे का अनोखा गिफ्ट; 'वृक्ष मित्र' राजेश मकवाना ने 39 सालों में लगवाए 25,000 पौधे

इंदौर। आज के दौर में जहां जन्मदिन पर महंगे गिफ्ट और पार्टियों का चलन है, वहीं इंदौर के राजेश मकवाना एक ऐसी मिसाल पेश कर रहे हैं जो न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि दूसरों को भी प्रेरित करती है। वे पिछले 39 सालों से जन्मदिन के मौके पर दोस्तों, परिचितों और यहां तक कि अनजान लोगों को भी उपहार स्वरूप पौधा भेंट कर रहे हैं। उनकी इस छोटी सी पहल का परिणाम यह है कि वे अब तक शहर में 25,000 से अधिक पौधे लगवा चुके हैं।

🎁 पौधों को गिफ्ट बनाने का उद्देश्य

राजेश मकवाना ने इस अभियान की शुरुआत वर्ष 1987 में की थी। उनका मानना है कि जब किसी को जन्मदिन पर कोई वस्तु गिफ्ट की जाती है, तो वह केवल उपयोग की चीज होती है। लेकिन यदि किसी को पौधा दिया जाए, तो वह उसे अपने जन्मदिन की याद के तौर पर सहेजता है, उसे जमीन में रोपता है और उसकी देखभाल करता है। इस सोच के साथ उन्होंने लोगों को पर्यावरण से जोड़ने का एक अनूठा माध्यम ढूंढ लिया।

🌳 39 सालों का सफर: 25,000 पौधों की छाया

राजेश मकवाना, जो अब 'वृक्ष मित्र' के नाम से शहर में लोकप्रिय हैं, अपने जन्मदिन पर भी 21 से 25 पौधे लेकर मंदिरों में जाते हैं और श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप फलदार पौधे वितरित करते हैं। वे आयुर्वेदिक और फलदार पौधों का चयन विशेष रूप से करते हैं। जब कोई अन्य पौधा नहीं लगा पाता, तो वे स्वयं सड़क के डिवाइडर और सरकारी खाली पड़ी जमीन पर पौधों का रोपण करते हैं।

📱 सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुँच

राजेश जी की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफॉर्म पर जैसे ही उन्हें किसी के जन्मदिन की सूचना मिलती है, वे उनसे संपर्क कर पता पूछते हैं और पौधा भेंट करने पहुँच जाते हैं। लोग भी अब उनका बेसब्री से इंतजार करते हैं। उनके लगाए हुए सैकड़ों पौधे आज विशाल वृक्ष बन चुके हैं, जिन पर पक्षियों के घोंसले और रंग-बिरंगी चिड़ियाओं का बसेरा है।

🍃 प्रकृति की सेवा ही सबसे बड़ी खुशी

राजेश मकवाना बताते हैं, "जब मैं उन वृक्षों को देखता हूँ जो कभी मेरे द्वारा दिए गए छोटे से पौधे थे, तो मुझे असीम शांति मिलती है। उन पर फल और फूलों का आना, मधुमक्खियों और पक्षियों का आना ही मेरे लिए प्रकृति की सबसे बड़ी सेवा है।" उनकी यह सेवा न केवल शहर को शुद्ध हवा दे रही है, बल्कि जन्मदिन मनाने का एक नया और सकारात्मक तरीका भी सिखा रही है।

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