Tragic Incident in Gwalior: लापरवाही की हद! बहन के देवर के बेटे की हरकत से महिला ने गंवाई आंख की रोशनी
ग्वालियर में माता के जागरण के दौरान एक युवक द्वारा चलाई गई आतिशबाजी से 45 वर्षीय महिला की आंख की रोशनी चली गई। इंदरगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
ग्वालियर। शहर के इंदरगंज थाना क्षेत्र में आतिशबाजी की एक लापरवाही ने एक महिला के जीवन में हमेशा के लिए अंधेरा कर दिया। 15 अप्रैल को शिंदे की छावनी स्थित मातावाली गली में आयोजित माता के जागरण के दौरान, हेमंत गौड़ नामक युवक द्वारा चलाए गए पटाखे के उचटकर लगने से वंदना रायकवार (45) नाम की महिला की आंख गंभीर रूप से घायल हो गई। कई बार मना करने के बावजूद युवक ने पटाखे चलाना बंद नहीं किया, जिसका परिणाम वंदना को अपनी दृष्टि खोकर चुकाना पड़ा।
🏥 दिल्ली से चेन्नई तक इलाज, फिर भी नहीं मिली रोशनी
हादसे के तुरंत बाद वंदना को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने जांच में पाया कि उसकी आंख की 'ऑप्टिक नर्व' (Optic Nerve) बुरी तरह डैमेज हो चुकी है। बेहतर उपचार के लिए पीड़ित परिवार पहले दिल्ली और फिर चेन्नई तक गया, लेकिन विशेषज्ञों के हर संभव प्रयास के बावजूद महिला की रोशनी वापस नहीं आ सकी।
⚖️ परिजन की चुप्पी टूटी, अब दर्ज हुई एफआईआर
घटना के समय परिवार ने आपसी संबंधों के चलते एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं कराई थी। उन्हें उम्मीद थी कि इलाज के बाद वंदना की रोशनी लौट आएगी, लेकिन आरोपी ने इलाज में कोई आर्थिक मदद भी नहीं की। निराशा और हताशा के बाद अब पीड़ित परिवार ने मेडिकल रिपोर्ट के साथ इंदरगंज थाने में लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने आरोपी हेमंत गौड़ के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
⚠️ आतिशबाजी के दौरान सावधानी बरतें
यह दर्दनाक घटना हर किसी के लिए एक सबक है। सार्वजनिक कार्यक्रमों या भीड़भाड़ वाली जगहों पर आतिशबाजी करते समय न केवल कानून का ध्यान रखना चाहिए, बल्कि सुरक्षा के नियमों का पालन करना भी अनिवार्य है। आपकी एक छोटी सी लापरवाही किसी का पूरा जीवन बर्बाद कर सकती है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)