'विंध्य के सबसे बड़े अस्पताल में फैली है अंधेरगर्दी', लापरवाह डॉक्टरों पर एफआईआर की मांग तेज
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह धरने पर बैठे। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
मध्य प्रदेश के रीवा स्थित संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात शिशु की मौत का मामला अब प्रदेश की मुख्य राजनीति के केंद्र में आ गया है। रविवार देर रात पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सिरमौर चौराहे पर चल रहे कांग्रेस और परिजनों के धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने अनशन पर बैठे मृतका के पिता रामशिरोमणि मिश्रा से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान दिग्विजय सिंह ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के मामले लगातार सामने आ रहे हैं और रीवा में तो हद तब हो गई जब एक जीवित मरीज को भी मुर्दा घोषित कर दिया गया।
🚨 'विंध्य के सबसे बड़े अस्पताल में मची है अंधेरगर्दी'—दोषी डॉक्टरों पर एफआईआर और निलंबन की कार्रवाई जारी
दिग्विजय सिंह ने कड़े शब्दों में कहा कि मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री रीवा से ही विधायक और उपमुख्यमंत्री हैं, इसलिए इस पूरी अंधेरगर्दी और निकम्मेपन की नैतिक जिम्मेदारी सीधे तौर पर उन्हीं की बनती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतका कल्पना मिश्रा ने इलाज से पहले ही अपनी जान का अंदेशा जताया था, लेकिन किसी ने उसकी गुहार नहीं सुनी। बढ़ते राजनीतिक दबाव और विरोध प्रदर्शन के बीच सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो नर्सिंग ऑफिसर, दो महिला डॉक्टरों और अस्पताल अधीक्षक राहुल मिश्रा को हटाने के साथ ही श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल का भी ट्रांसफर कर दिया है, हालांकि मृतका के पिता अभी भी दोषी डॉक्टरों पर एफआईआर दर्ज कराने की अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)