ए, बी, ओ और एबी पॉजिटिव का स्टॉक खत्म; बुरहानपुर में थैलेसीमिया मरीजों और गर्भवती महिलाओं की बढ़ी मुश्किलें
बुरहानपुर जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में ए, बी, ओ और एबी पॉजिटिव खून का स्टॉक खत्म हो गया है। मरीजों को खून न मिलने पर परिजनों ने स्टॉक रजिस्टर की जांच कराने की मांग की है।
बुरहानपुर | मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिला अस्पताल परिसर में संचालित ब्लड बैंक से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहां पूरे साल जनप्रतिनिधियों, महापुरुषों की जयंती और समाजसेवियों के जन्मोत्सव के अवसर पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिनमें युवाओं द्वारा सैकड़ों यूनिट ब्लड डोनेट किया जाता है। इसके बावजूद, जब मरीजों को आपात स्थिति में खून की जरूरत पड़ती है, तो ब्लड बैंक प्रबंधन खून की किल्लत का हवाला देकर परिजनों को खाली हाथ लौटा रहा है।
हाल ही में ब्लड बैंक प्रबंधन ने ए-पॉजिटिव, बी-पॉजिटिव, ओ-पॉजिटिव तथा एबी-पॉजिटिव ब्लड ग्रुप्स का स्टॉक पूरी तरह खत्म होने की बात स्वीकार की है।
🚨 मरीजों को खून देने से साफ इनकार, परिजनों ने निजी डोनर्स से संपर्क कर बचाई जान
अस्पताल में भर्ती कई गंभीर मरीजों को खून की तत्काल आवश्यकता होने पर जब ब्लड बैंक से मदद नहीं मिली, तो परिजनों की मुसीबतें बढ़ गईं:
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निजी प्रयासों से व्यवस्था: मरीजों के रिश्तेदारों ने जैसे-तैसे निजी डोनर्स से संपर्क साधा, तब जाकर खून का इंतजाम हो सका।
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युवाओं ने किया रक्तदान: टेक्समो पाइप फैक्ट्री के कर्मचारी नितिन और अडगांव निवासी शुभम तायडे ने तत्काल अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया, जिससे भर्ती एक महिला और एक पुरुष मरीज को समय पर खून चढ़ाया जा सका और उनकी जान बच सकी।
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रजिस्टर जांच की मांग: इस पूरी अव्यवस्था के बाद अब मरीजों के परिजनों और जागरूक नागरिकों ने ब्लड बैंक में प्राप्त रक्त यूनिट्स, वितरण और आवक-जावक रजिस्टर की निष्पक्ष प्रशासनिक जांच कराने की मांग उठाई है।
🔍 'शिविरों का खून जाता कहां है?'—अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
बुरहानपुर के समाजसेवी रमजान तड़वी ने ब्लड बैंक के स्टॉक सत्यापन और प्रबंधन की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं:
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स्टॉक गायब होने पर संशय: उन्होंने कहा कि जब शहर के जागरूक युवा, संस्थाएं और जनप्रतिनिधि नियमित कैंप लगाकर बड़ी मात्रा में रक्तदान करते हैं, तो फिर जरूरतमंदों को समय पर रक्त क्यों नहीं मिलता?
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गंभीर मरीज प्रभावित: थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित मासूम बच्चों और गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा खून की जरूरत होती है, लेकिन उन्हें हर बार डोनर्स पर ही निर्भर रहना पड़ता है।
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रक्तदान की अपील: उन्होंने आम जनता से जनहित में 'रक्तदान-महादान' अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की भावुक अपील करते हुए कहा कि आपका एक यूनिट रक्तदान किसी बेबस मरीज को नया जीवन दे सकता है।
🩺 'इमरजेंसी में आ रही है भारी दिक्कत'—ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. रूशाली महाजन
ब्लड बैंक में तैनात डॉ. रूशाली महाजन ने आधिकारिक रूप से स्वीकार किया कि अस्पताल में मुख्य ब्लड ग्रुप्स का स्टॉक पूरी तरह समाप्त हो चुका है:
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स्टॉक खत्म: उन्होंने बताया कि ए-पॉजिटिव, बी-पॉजिटिव, ओ-पॉजिटिव और एबी-पॉजिटिव खून की भारी किल्लत है, जिससे इमरजेंसी और नियमित रूप से खून चढ़वाने वाले थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों व गर्भवती महिलाओं के इलाज में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
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फोन कर बुलाए जा रहे डोनर्स: इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल प्रशासन अब पुराने और पंजीकृत डोनर्स की सूची निकालकर उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन कर बुला रहा है और रक्तदान के लिए प्रेरित कर रहा है।
🤝 अस्पताल प्रशासन की नागरिकों से आपातकालीन रक्तदान की अपील
बुरहानपुर जिला अस्पताल प्रबंधन ने शहर के आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जागरूक युवाओं से अपील की है कि वे संकट की इस घड़ी में स्वयं आगे आएं। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंचकर अधिक से अधिक रक्तदान करें, ताकि आपात स्थिति में भर्ती मरीजों का समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा सके और किसी भी मरीज की जान खतरे में न पड़े।
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