उज्जैन में बड़ा हादसा; होटल के फूड वेस्टेज चैंबर की सफाई के दौरान जहरीली गैस से चार मजदूरों की दर्दनाक मौत
उज्जैन के देवास रोड स्थित होटल में फूड वेस्टेज चैंबर की सफाई के दौरान जहरीली गैस से चार मजदूरों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री ने 4-4 लाख मुआवजे का ऐलान किया है।
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में देवास रोड स्थित एक निजी होटल में शनिवार की रात को एक बड़ा और भीषण हादसा हो गया। होटल के पिछले हिस्से (बैक साइड) में बने फूड वेस्टेज चैंबर की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से चार मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
👷♂️ कैसे हुआ हादसा? एक के बाद एक चैंबर में उतरते गए कर्मचारी और फंस गए
मिली जानकारी के अनुसार, होटल के फूड वेस्टेज चैंबर की सफाई का काम चल रहा था:
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सफाई के दौरान चैंबर के अंदर उतरे दो कर्मचारियों की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी और वे अछूत गैस की वजह से बेहोश होने लगे।
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उन्हें बचाने और संभालने के लिए चैंबर में उतरे दो अन्य कर्मचारियों की भी हालत बिगड़ गई और वे भी अंदर ही बेहोश होकर फंस गए।
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मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तुरंत होटल संचालक और पुलिस को घटना की सूचना दी, जिसके बाद तत्काल प्रशासनिक स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
🚨 कलेक्टर-एसपी मौके पर पहुंचे, कटर से चैंबर काटकर निकाले गए शव
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक (SP) प्रदीप शर्मा तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन की कमान संभाली:
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कटर से काटा गया चैंबर: मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आसपास से कवर्ड चैंबर को कटर मशीन से काटा गया, जिसके बाद चारों कर्मियों को बाहर निकाला जा सका।
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अस्पताल में पुष्टि: बाहर निकालने के बाद लगभग 10 मिनट तक सीपीआर (CPR) देकर उन्हें बचाने के तमाम प्रयास किए गए, लेकिन तब तक सभी की मौत हो चुकी थी। प्रशासन ने शवों को कब्जे में लेकर शासकीय चरक भवन अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया।
💔 मृतकों की हुई पहचान, सीएम मोहन यादव ने की आर्थिक सहायता की घोषणा
हादसे में जान गंवाने वाले सभी कर्मचारियों की शिनाख्त कर ली गई है:
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उज्जैन निवासी: वाल्मीकि नगर निवासी कमलेश (पिता सोहनलाल तंबोली), नितिन (पिता ताराचंद) और जुना सोमवारिया निवासी वाहीद।
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राजस्थान निवासी: झालावाड़ के रहने वाले मनोज (पिता तेजमल मीणा)।
इस हृदयविदारक दुर्घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए राज्य शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
🔬 फूड वेस्टेज चैंबर में कैसे बनती है जानलेवा जहरीली गैस?
औद्योगिक और सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, होटल, रेस्टोरेंट और डेयरी इकाइयों में फूड वेस्टेज चैंबर का उपयोग खाद्य पदार्थों के अवशेष (सड़ा-गला कचरा, गंदा पानी, चाशनी, घी और तेल) जमा करने के लिए होता है:
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हाइड्रोजन सल्फाइड और मीथेन: लंबे समय तक जैविक कचरा जमा रहने और उसके सड़ने से चैंबर के भीतर हाइड्रोजन सल्फाइड और मीथेन जैसी अत्यंत खतरनाक गैसों का निर्माण हो जाता है, जिससे चैंबर में ऑक्सीजन का स्तर भारी मात्रा में गिर जाता है।
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सुरक्षा में भारी चूक: बंद और सीमित जगहों (Confined Spaces) पर बिना गैस डिटेक्टर से जांच किए, बिना वेंटिलेशन और बिना सुरक्षा उपकरणों (जैसे ऑक्सीजन मास्क, बेल्ट व रस्सी) के उतरना जानलेवा साबित होता है।
⚖️ 'दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कानूनी कार्रवाई'—एसपी प्रदीप शर्मा
इस दर्दनाक हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या सफाई कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं? पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। लापरवाही बरतने वाले दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त केस दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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