सीधी के 50 से अधिक गांवों में फसल तबाह; 7 हजार हेक्टेयर से ज्यादा रकबे में नुकसान, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

सीधी जिले में बेमौसम बारिश और चक्रवाती तूफान के कारण धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। किसानों ने राजस्व विभाग से सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।

Nov 01, 2026 - 20:41
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सीधी के 50 से अधिक गांवों में फसल तबाह; 7 हजार हेक्टेयर से ज्यादा रकबे में नुकसान, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में चक्रवाती तूफान के प्रभाव से 29, 30 और 31 अक्टूबर को हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की नींद उड़ा दी है। खेतों में पानी भर जाने और धान की फसल के आंशिक रूप से प्रभावित होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका सताने लगी है। जब किसान अपनी महीनों की मेहनत के बाद फसल कटाई की पूरी तैयारी में जुटे थे, तब अचानक बदले मौसम ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। अब पीड़ित किसान जिला प्रशासन और राजस्व विभाग से तुरंत फसलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाए जाने की पुरजोर मांग कर रहे हैं।

💔 'तैयार फसल डूबने की स्थिति में'—किसानों ने बयां किया अपना दर्द

सोनवर्षा निवासी किसान रेवती रमण द्विवेदी ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि इस बेमौसम बारिश और तूफान की वजह से धान की फसल को व्यापक नुकसान हुआ है:

  • डूब रही पूंजी: किसान अपनी फसल काटने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अचानक मौसम बदलने के कारण उनकी लगाई गई पूरी पूंजी डूबने के कगार पर पहुंच गई है।

  • मेहनत पर पानी: किसानों ने दिन-रात एक करके अपनी फसल तैयार की थी, लेकिन अब कुदरत की मार से नुकसान की भरपाई को लेकर उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

📊 7 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में फसल प्रभावित, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

सोनवर्षा के ही रहने वाले अमर द्विवेदी के मुताबिक, हटवा, पहाड़ी और सोनवर्षा सहित जिले के 50 से अधिक गांवों में धान की फसल को गंभीर नुकसान पहुंचा है:

  • प्रभावित रकबा: उनके अनुसार, इस बेमौसम बारिश से क्षेत्र में लगभग 7 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में फसल बर्बाद होने का अनुमान है।

  • प्रशासनिक गुहार: इस गंभीर समस्या को लेकर किसानों ने सिहावल एसडीएम राकेश शुक्ला से मुलाकात कर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। एसडीएम ने किसानों को आश्वस्त किया है कि नुकसान का आकलन करने के लिए जल्द से जल्द सर्वे कराया जाएगा। किसानों का कहना है कि एक तरफ जहां भीगी हुई खाद को गोदामों में सुरक्षित रखने की प्रशासनिक व्यवस्था की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ खेतों में खड़ी फसल को हुए नुकसान की सुधि भी सरकार को लेनी चाहिए।

🌾 1 लाख 20 हजार 700 हेक्टेयर में हुई थी धान की बोवनी—कृषि विभाग

कृषि विभाग के अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि इस वर्ष सीधी जिले में लगभग 1 लाख 20 हजार 700 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में धान की बोवनी की गई थी:

  • सर्वे के बाद स्थिति होगी स्पष्ट: बेमौसम बारिश और तेज आंधी-तूफान से कुछ फसलों को नुकसान अवश्य पहुंचा है, हालांकि अभी भी अधिकांश फसलें पकने की स्थिति में हैं।

  • वास्तविक आकलन: कृषि विभाग और राजस्व अमले का कहना है कि नुकसान की वास्तविक और सटीक तस्वीर गांवों में सर्वे पूरा होने के बाद ही सामने आ सकेगी। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में टीमों को निर्देशित करने की बात कही है।

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